मानसून में भी कोयला डिस्पैच नहीं रुके, SECL निदेशक रमेश चंद्र मोहापात्रा ने दिए निर्देश

रायगढ़। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) रमेश चंद्र मोहापात्रा ने रायगढ़ क्षेत्र के दौरे के दूसरे दिन स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान भी कोयले का खनन और डिस्पैच किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बारिश के मौसम में भी निर्बाध कोयला निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।
छाल ओपन कास्ट परियोजना (Chhal OCP) के निरीक्षण के दौरान उन्होंने उत्पादन, डिस्पैच, सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन और अन्य उद्योगों को समय पर कोयले की आपूर्ति बनाए रखना SECL की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए मानसून से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद परिवहन, सुरक्षा और खनन कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।

दौरे के दौरान श्री मोहापात्रा ने बंद हो चुकी डोमनारा ओपन कास्ट खदान का भी निरीक्षण किया और माइन क्लोजर से जुड़े सुरक्षा एवं पर्यावरणीय उपायों की समीक्षा की। उन्होंने दीर्घकालिक सुरक्षा और सभी वैधानिक मानकों के पालन पर जोर दिया।
इसके अलावा उन्होंने एरिया स्टोर्स का निरीक्षण कर सामग्री प्रबंधन एवं इन्वेंट्री सिस्टम की समीक्षा की और आवश्यक संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि खनन कार्य और कोयला डिस्पैच निर्बाध रूप से जारी रह सके।निरीक्षण के दौरान रायगढ़ क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।




