
नई दिल्ली/मस्कट। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को रॉयल ओमान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तारी भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर जारी इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर की गई।
सौरभ चंद्राकर पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। फिलहाल उसे मस्कट के हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जबकि भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरभ चंद्राकर ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) छोड़ने से पहले CCF (Commission for the Control of Interpol’s Files) में चल रही सुनवाई के दौरान ओमान का रुख किया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल प्रत्यर्पण प्रक्रिया को जटिल और लंबा करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
ओमान के कानून के अनुसार फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर तीन से पांच वर्ष तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे में भारत को प्रत्यर्पण से पहले ओमान की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ सकता है।
2024 में भी हुई थी कार्रवाई
सौरभ चंद्राकर वर्ष 2019 से भारतीय एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर था। वर्ष 2024 में इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर UAE अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था और कुछ समय तक हाउस अरेस्ट में भी रखा गया। भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था, लेकिन उस समय प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और बाद में उसे रिहा कर दिया गया।
ED की बड़ी कार्रवाई: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) लगातार कार्रवाई कर रहा है। एजेंसी अब तक 175 से अधिक स्थानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पांच अभियोजन शिकायतें भी दायर की जा चुकी हैं।ED के अनुसार, इस मामले में अब तक ₹4,336 करोड़ की चल एवं अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं, जो देश के सबसे बड़े कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक मानी जा रही है।




