
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में कारोबारी राजकुमार सराफ के घर आयकर विभाग (Income Tax Department) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की संयुक्त कार्रवाई लगातार करीब 24 घंटे तक चली। इस दौरान जांच एजेंसियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक सामग्री अपने कब्जे में ली है। फिलहाल दस्तावेजों की जांच की जा रही है और अधिकारियों ने मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला यूनियन बैंक से लिए गए करीब ₹15 करोड़ के लोन से जुड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि कारोबारी ने लोन प्राप्त करने के दौरान बैंक के समक्ष फर्जी इंपोर्ट-एक्सपोर्ट ऑर्डर प्रस्तुत किए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण स्वीकृत कराया गया था। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि लोन प्रक्रिया में किसी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जीवाड़ा हुआ है या नहीं।
सूत्रों का यह भी दावा है कि यूनियन बैंक की शिकायत या उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर आयकर विभाग और ईडी ने यह संयुक्त कार्रवाई की है। जांच के दौरान कारोबारी के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और कारोबारी दस्तावेजों की भी जांच की गई है।हालांकि, ईडी, आयकर विभाग और यूनियन बैंक की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए जांच पूरी होने तक मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद यदि वित्तीय अनियमितता या धोखाधड़ी के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है और जांच जारी है।




