स्वतंत्रता दिवस 2026: झीरम पहुंच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर जिले के झीरम घाटी पहुंचकर झीरम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और उनके बलिदान को नमन किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि झीरम के शहीदों की स्मृति में बने स्मारक को जल्द ही और स्मरणीय स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका
विजय शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी। इस घटना में प्रदेश ने अपने वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया। उन्होंने विद्याचरण शुक्ल, नंदकुमार पटेल और महेंद्र कर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ उनके बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।
उन्होंने कहा कि जिस ताकत ने वर्षों तक बस्तर को भय और हिंसा के साये में रखा और लोकतंत्र तथा विकास की राह में बाधा डाली, उसे अब जड़ से उखाड़ फेंका गया है।
बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान पांच जिलों में करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर शांति और एकता का संदेश दिया गया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ माने जाने वाले कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर देश को यह संदेश दिया गया कि भारत का संविधान अब देश के हर कोने में पूरी तरह लागू होगा।
शर्मा ने कहा कि झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।शहीदों के परिजनों से की मुलाकातउप मुख्यमंत्री ने झीरम के शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है।इस दौरान शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान की।
गोलियों से नहीं, हौसले और विश्वास से जीता बस्तर:विजय शर्मा ने कहा कि अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। बस्तर के युवाओं को हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। सरकार ने बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता है।
उन्होंने कहा कि भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसके परिणामस्वरूप 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, बस्तर संभागायुक्त डोमन सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।




