तहसीलदार की कुर्सी के ऊपर भरभराकर गिरी छत, टला बड़ा हादसा

पाटन। जिले के पाटन तहसील कार्यालय में देर रात उस वक्त बड़ा हादसा टल गया, जब तहसीलदार की कुर्सी के ठीक ऊपर छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। छत का प्लास्टर टेबल और उस पर रखे कंप्यूटर सहित अन्य सामान पर जा गिरा। घटना रात के समय हुई, जिसके चलते कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद नहीं थे और बड़ा हादसा होने से टल गया।
घटना के बाद एहतियातन तहसील कार्यालय को दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि, इस घटना ने सरकारी कार्यालय भवन की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।कार्यालयीन समय में गिरती छत तो हो सकता था बड़ा हादसाजिस स्थान पर छत का प्लास्टर गिरा है, वहां सामान्य दिनों में तहसीलदार समेत अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी रहती है और राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण कामकाज संचालित होता है। ऐसे में यदि छत का हिस्सा कार्यालयीन समय में गिरता तो अधिकारी-कर्मचारियों के घायल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
हादसा रात में होने के कारण फिलहाल किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने सरकारी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है।भवन की समय रहते जांच और मरम्मत क्यों नहीं हुई?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस भवन में रोजाना अधिकारी-कर्मचारी और आम नागरिक पहुंचते हैं, उसकी छत की समय रहते जांच और मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? क्या भवन की स्थिति को लेकर पहले से कोई शिकायत या संकेत मिले थे? यदि भवन जर्जर स्थिति में था तो उसकी सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए?
सबसे अहम सवाल यह भी है कि अगर यही छत दिन के समय अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी में गिरती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होती?फिलहाल हादसा टल गया है, लेकिन घटना सरकारी कार्यालयों में भवनों के नियमित निरीक्षण, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित करती है। तहसील कार्यालय भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराना जरूरी नजर आ रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।





