चक्रधर समारोह में ‘बीड़ी जलाई ले’ और ‘चुम्मा-चुम्मा दे दे’ गानों पर विवाद, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने जताई आपत्ति

रायगढ़ – 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह की सातवीं संस्कृति संध्या के बाद मंच पर प्रस्तुत किए गए कुछ फिल्मी गानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में इंडियन आइडल फेम अमित साना ने प्रस्तुति दी थी। आधिकारिक कार्यक्रम सूची में भी 20 सितंबर को अमित साना की प्रस्तुति दर्ज है।
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए कुछ गानों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच पर इस तरह के गीतों का चयन समारोह की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
अमित साना की प्रस्तुति के बाद उठा विवाद
20 सितंबर को समारोह के सातवें दिन कथक सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। इसके बाद अमित साना ने अपने ग्रुप के साथ गायन की प्रस्तुति दी। जिला प्रशासन की आधिकारिक कार्यक्रम सूची में अमित साना को इंडियन आइडल फेम, भिलाई के कलाकार के रूप में शामिल किया गया है।
सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, प्रस्तुति के दौरान कुछ लोकप्रिय फिल्मी गाने गाए गए, जिनमें ‘बीड़ी जलाई ले’ और ‘चुम्मा-चुम्मा दे दे’ जैसे गीत शामिल थे। इन्हीं गानों को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है।
मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्री को लिखेंगे पत्र
देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और संस्कृति मंत्री को लिखित शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को मौखिक रूप से भी उठाया जाएगा।सांसद ने समारोह की सांस्कृतिक गरिमा का हवाला देते हुए कार्यक्रम में गीतों के चयन पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इस संबंध में आयोजकों या जिला प्रशासन की ओर से आपत्ति पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल
कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने भी गीतों के चयन को लेकर नाराजगी जताई। वहीं दूसरी ओर, समारोह के सातवें दिन आयोजित कार्यक्रम में कथक, गोटीपुआ और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ अमित साना का गायन भी आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा था।
समारोह की शुरुआत से जुड़े सवाल भी उठे:सांसद ने समारोह से जुड़े अन्य आयोजनात्मक पहलुओं पर भी सवाल उठाए हैं। इनमें राज्यपाल के आगमन से पहले कार्यक्रम शुरू होने और दीप प्रज्वलन के क्रम को लेकर उठे सवाल शामिल हैं। इन दावों पर भी संबंधित प्रशासनिक पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।




