अमित शाह ने मंत्री ओपी चौधरी को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, 5 लाख पीपल के पेड़ लगाने दिया लक्ष्य, नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी’

रायपुर। छत्तीसगढ़ को पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की नई पहचान दिलाने की दिशा में नवा रायपुर में बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्योत्सव के दौरान अपने संबोधन में कहा कि मैंने वित्त मंत्री ओपी चौधरी को नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि पीपल सिटी के रूप में विकसित होने के बाद नया रायपुर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण मित्र शहर बनने जा रहा है।

अमित शाह ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया गया है। यहां एक ही स्थान पर 2,500 से अधिक पीपल के पेड़ लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को जिम्मेदारी दी है। लक्ष्य है कि अकेले नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएं।
पीपल सिटी के रूप में विकसित होगा नवा रायपुर
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को पीपल सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। 5 लाख पीपल के पेड़ों का लक्ष्य पूरा होने के बाद नया रायपुर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण मित्र शहर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और बेहतर पर्यावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
16 एकड़ में विकसित हुआ विकसित भारत संकल्प पार्क
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-16 में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया। लगभग 16 एकड़ में विकसित इस पार्क में ‘People for Peepal’ अभियान के तहत 2,500 से अधिक पीपल और 500 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं।


लोकार्पण के अवसर पर अमित शाह ने स्वयं पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप और कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य
‘People for Peepal’ अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल से जोड़ना भी है। विकसित भारत संकल्प पार्क को पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सतत विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।




