46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी आवंटन से खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता हुई सुनिश्चित

सीएम विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का जताया आभार
रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ को 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) आवंटित किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय खरीफ सीजन के दौरान प्रदेश के किसानों के लिए समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री नड्डा के विशेष सहयोग से प्रदेश के किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह अतिरिक्त आवंटन स्वीकृत किया गया है। इससे किसानों को समय पर डीएपी उपलब्ध होगी और कृषि कार्य बिना किसी बाधा के संचालित हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में नई दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात कर खरीफ सीजन की आवश्यकताओं के अनुरूप छत्तीसगढ़ के लिए अतिरिक्त डीएपी उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। केंद्रीय मंत्री ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया था। उसी का परिणाम है कि राज्य को 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी का आवंटन प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में यूरिया की उपलब्धता पहले से ही पर्याप्त है और अब अतिरिक्त डीएपी मिलने से खरीफ सीजन के लिए खाद की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इससे किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा बोनी और अन्य कृषि कार्य समयबद्ध तरीके से संपन्न होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें समय पर डीएपी, यूरिया सहित सभी आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार अन्नदाता के कल्याण, कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों की समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि प्रदेश का कृषि क्षेत्र और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बन सके।




