डेढ़ माह बाद कल रायपुर लौटेंगे BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, एयरपोर्ट पर होगा भव्य स्वागत

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव लंबे इलाज के बाद बुधवार रात 8 बजे रायपुर लौटेंगे। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद करीब डेढ़ महीने से दिल्ली में उपचार और स्वास्थ्य लाभ ले रहे किरण देव के स्वस्थ होकर छत्तीसगढ़ लौटने की जानकारी सामने आई है। उनके रायपुर पहुंचने पर एयरपोर्ट में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत की तैयारी की जा रही है।
29 जुलाई को हुआ था सड़क हादसा
किरण सिंह देव 29 जुलाई को परिवार के साथ मध्यप्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से लौट रहे थे। वापसी के दौरान उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के तालबेहट क्षेत्र में झांसी-ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर उनकी इनोवा कार हादसे का शिकार हो गई।रिपोर्टों के मुताबिक कार आगे चल रहे/सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। हादसे में किरण सिंह देव और उनके चालक गौतम कुमार घायल हुए थे। कार में मौजूद परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित बताए गए।
पहले तालबेहट, फिर झांसी में हुआ इलाज:हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तालबेहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।चिकित्सकीय जांच में किरण देव की रीढ़ और कमर से जुड़ी चोट की जानकारी सामने आई। बेहतर उपचार के लिए उन्हें बाद में एयर एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली के मेदांता अस्पताल रेफर किया गया।
मेदांता में हुई सर्जरी
दिल्ली के मेदांता अस्पताल में किरण देव की ऑर्थोपेडिक सर्जरी की गई। रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन में एसिटाबुलम फ्रैक्चर की रिपेयर की गई और सर्जरी एक घंटे से अधिक समय तक चली। इसके बाद उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार की जानकारी सामने आती रही।
इलाज के दौरान भी किरण देव संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे। सितंबर की शुरुआत में उनके दिल्ली से भाजपा की बस्तर जिला कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करने की भी जानकारी सामने आई थी।
डेढ़ माह बाद छत्तीसगढ़ वापसी
अब स्वास्थ्य में सुधार के बाद किरण सिंह देव के रायपुर लौटने की तैयारी है। बुधवार रात 8 बजे रायपुर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से उनका स्वागत किया जाएगा।
लंबे समय से दिल्ली में उपचार के चलते वे प्रत्यक्ष रूप से संगठनात्मक गतिविधियों से दूर थे, हालांकि वे इलाज के दौरान भी फोन और ऑनलाइन माध्यम से संगठन के संपर्क में रहे।




