छत्तीसगढ़ से मानसून की पूरी विदाई, इस साल 1155 मिमी से ज्यादा बारिश; बलरामपुर में सबसे ज्यादा बरसे बादल

रायपुर। छत्तीसगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई हो गई है। मानसून की वापसी के साथ ही प्रदेश में बारिश का सीजन समाप्त हो गया है। इस साल राज्य में औसतन 1,155.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश का 102.1 प्रतिशत है। यानी प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य से अधिक वर्षा हुई। हालांकि, बारिश सभी जिलों में एक जैसा नहीं रही। कहीं भारी बारिश से बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी, तो कुछ जिलों में सामान्य से कम पानी बरसा।

बलरामपुर में सबसे ज्यादा, बेमेतरा में सबसे कम बारिश
प्रदेश में बारिश के मामले में बलरामपुर जिला सबसे आगे रहा। यहां 1,556.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य के मुकाबले 165.3 प्रतिशत है।
इसके विपरीत बेमेतरा जिले में सबसे कम 674.9 मिलीमीटर बारिश हुई। यह सामान्य बारिश का 80.4 प्रतिशत है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस साल प्रदेश में बारिश असमान रही.
राजधानी रायपुर में 1307.4 मिमी बारिश
राजधानी रायपुर में भी इस मानसून सीजन के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, रायपुर में कुल 1,307.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य का 135.4 प्रतिशत है।
वहीं, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव जैसी परिस्थितियां बनीं। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ और कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जलाशयों में भी भरपूर पानी
मानसून के दौरान हुई बारिश का असर प्रदेश के जलाशयों में भी देखने को मिला, जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि प्रदेश के 12 प्रमुख बड़े जलाशय 92.54 प्रतिशत और 34 मध्यम जलाशय 95.78 प्रतिशत तक भर चुके थे।
जलाशयों में पर्याप्त पानी रहने से आने वाले समय में पेयजल आपूर्ति और रबी फसलों की सिंचाई में मदद मिलने की उम्मीद है।
मानसून की विदाई के बाद बदलेगा मौसम
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सामान्य तौर पर कम होने लगती हैं। मौसम शुष्क होने के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, मानसून की विदाई के बाद भी स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कहीं-कहीं बारिश संभव है।




