छत्तीसगढ़

Gariyaband News: पीएम श्री स्कूल के छात्रों का उग्र प्रदर्शन, प्राचार्य की री-पोस्टिंग रद्द

गरियाबंद | छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम पीएम श्री स्कूल के छात्रों ने प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को कलेक्टोरेट का घेराव कर दिया। करीब 400 छात्र “प्राचार्य हटाओ” की तख्तियां हाथों में लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। छात्रों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा, जब निलंबन के बावजूद प्राचार्य को दोबारा उसी स्कूल में पदस्थ कर दिया गया।

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मौके पर पहुंचे पंकज डहारे (अपर कलेक्टर) से छात्रों ने संवाद किया और एक हस्तलिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्राचार्य वंदना पाण्डेय पर गंभीर आरोप लगाए गए। छात्रों ने मानसिक प्रताड़ना, प्रवेश के नाम पर अधिक राशि वसूली, प्रैक्टिकल में मनमाने ढंग से अंक काटने और अनावश्यक बैठकों के जरिए पढ़ाई बाधित करने जैसे आरोप लगाए।

एडीएम डहारे ने छात्रों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच कर 2–3 दिनों में उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी ने अब तक प्रशासन को स्थिति से औपचारिक रूप से अवगत नहीं कराया था, अन्यथा हालात यहां तक नहीं पहुंचते।

क्यों विवादों में है प्राचार्य की री-पोस्टिंग

गौरतलब है कि 17 अक्टूबर 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राचार्य वंदना पाण्डेय को निलंबित किया था। आदेश में 31 जनवरी 2025 को शिक्षा सचिव के औचक निरीक्षण के दौरान पीएम श्री स्कूल में पाई गई अनियमितताओं का उल्लेख था। हालांकि, इन खामियों पर कार्रवाई में लगभग 10 महीने लग गए, और निलंबन के 5 महीने बाद ही 29 जनवरी 2026 को प्रशासनिक आवश्यकता का हवाला देकर उन्हें बहाल कर दिया गया।

नियमों के अनुसार, निलंबित अधिकारी को उसी संस्थान और उसी पद पर बहाल नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन इस प्रावधान की अनदेखी ने विवाद को जन्म दे दिया। री-पोस्टिंग के बाद प्राचार्य के रवैये में आए बदलाव से स्कूल का माहौल और बिगड़ गया।

स्टाफ और छात्रों का संयुक्त विरोध5 फरवरी को स्कूल के 28 स्टाफ सदस्यों ने जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर को पत्र लिखकर प्राचार्य को अन्यत्र पदस्थ करने की मांग की थी। पांच दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया। इससे पहले स्कूल दो गुटों में बंटने और वायरल वीडियो के कारण भी सुर्खियों में रहा था।प्रशासन ने छात्रों के उग्र तेवरों को देखते हुए री-पोस्टिंग आदेश को तत्काल खारिज कर दिया है। अब सभी की निगाहें जांच और अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।

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CG Bulletin Desk1

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