छत्तीसगढ़

Forest Encroachment: उदंती के जंगल में 15 साल पहले 45 हेक्टेयर था अतिक्रमण, अब 106 हेक्टेयर; वन मंत्री के निर्देश पर हटाया गया कब्जा

ISRO सैटेलाइट और ड्रोन से हुआ सीमांकन

रायपुर/गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के सीतानदी कोर रेंज में वनभूमि अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। वन विभाग के अनुसार करीब 106 हेक्टेयर अतिक्रमित वनभूमि को मुक्त कराया गया है। कार्रवाई में जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग के साथ धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और USTR की महिला वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग ने भी USTR के कोर क्षेत्र में 106 हेक्टेयर अतिक्रमण और 166 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी है।

वन विभाग के अनुसार संबंधित क्षेत्र में वर्ष 2011-13 के दौरान करीब 45 हेक्टेयर अतिक्रमण दर्ज था। समय के साथ यह बढ़कर लगभग 106 हेक्टेयर हो गया। अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति और क्षेत्रफल का पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

सैटेलाइट और ड्रोन से हुआ वैज्ञानिक सीमांकन

वन विभाग ने ISRO की सैटेलाइट इमेजरी और DGPS आधारित ड्रोन मैपिंग के जरिए क्षेत्र का अध्ययन किया। अलग-अलग वर्षों की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण कर वन क्षेत्र में हुए बदलावों को देखा गया। इसके बाद ड्रोन सर्वे के जरिए अतिक्रमित भूमि का सटीक सीमांकन किया गया।

कार्रवाई से जुड़े मामलों में 166 लोगों को चिन्हित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें से 40 की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है।

चार साल में 1,000 हेक्टेयर से ज्यादा वनभूमि मुक्त

USTR में पिछले चार वर्षों से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में 1,000 हेक्टेयर से अधिक वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। सीतानदी कोर रेंज की कार्रवाई इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

मुक्त जमीन पर अब होगा वन पुनर्स्थापन

अतिक्रमण हटाने के बाद मुक्त कराई गई भूमि के पारिस्थितिक पुनर्स्थापन का काम भी शुरू किया गया है। इसके तहत कंटूर ट्रेंच, वर्षाजल संचयन, मृदा-नमी संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही करीब 1,500 पौधों का रोपण किया जा रहा है।मुक्त कराया गया क्षेत्र हाथी कॉरिडोर का हिस्सा है और महानदी के उद्गम क्षेत्र के निकट स्थित है। ऐसे में वनभूमि का संरक्षण वन्यजीवों की आवाजाही और जल संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

महिला वनबल ने संभाला मोर्चा:अभियान में धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की महिला वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घुरावाड़, बरबंधा और भुरसीडोंगरी के ग्रामीणों का भी सहयोग मिला।

मंत्री केदार कश्यप ने दिए निगरानी के निर्देश

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश की वन संपदा और वन्यजीव आवासों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने मुक्त कराए गए क्षेत्र की सतत निगरानी सुनिश्चित करने और वन एवं वन्यजीव क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

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CG Bulletin Desk1

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