विकसित छत्तीसगढ़ 2047: कैसा होगा भविष्य का छत्तीसगढ़? 21वीं सदी के विकसित राज्य बनने का रोडमैप तैयार

राज्य स्थापना दिवस विशेष: 2047 तक समृद्ध अर्थव्यवस्था, आधुनिक शहर, रोजगार के अवसर और सशक्त गांव बनाने का लक्ष्य; खनिज संपदा से आगे बढ़कर शिक्षा, तकनीक, पर्यटन और मानव विकास पर रहेगा जोर
रायपुर। छत्तीसगढ़ आज अपनी स्थापना के 26 वर्ष पूरे कर रहा है। 1 नवंबर 2000 को एक नए राज्य के रूप में शुरू हुआ सफर अब 2047 के बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। यह वह वर्ष होगा, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा। देश के साथ छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की महत्वाकांक्षा लेकर आगे बढ़ रहा है।सवाल सिर्फ यह नहीं है कि 2047 तक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था कितनी बड़ी होगी, बल्कि यह भी है कि उस समय राज्य के गांवों में कैसी सुविधाएं होंगी, युवाओं को अपने ही प्रदेश में कितना रोजगार मिलेगा, किसानों की आमदनी कैसी होगी और बस्तर से सरगुजा तक विकास का लाभ किस तरह पहुंचेगा।
राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ की रूपरेखा तैयार की है। नीति आयोग की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ विजन 2047 दस्तावेज नवंबर 2025 में जारी किया गया था। इसमें आर्थिक विकास के साथ मानव विकास, बुनियादी ढांचे, तकनीक, पर्यटन, पर्यावरणीय स्थिरता और औद्योगिक विविधीकरण पर जोर दिया गया है।
2047 तक आर्थिक रूप से मजबूत छत्तीसगढ़ बनाने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की ताकत कृषि, खनिज, ऊर्जा और उद्योग हैं। लेकिन विकसित राज्य बनने के लिए इन पारंपरिक क्षेत्रों के साथ सेवा क्षेत्र, आधुनिक विनिर्माण, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नए कारोबारों को भी बढ़ावा देना होगा।
वित्त वर्ष 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण के अग्रिम अनुमानों के अनुसार, राज्य का सकल घरेलू उत्पाद मौजूदा कीमतों पर लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ रहा है।
अब चुनौती इस आर्थिक वृद्धि को लंबे समय तक बनाए रखने की है। इसके लिए निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को प्रोत्साहन देने, छोटे और मध्यम कारोबारों को मजबूत करने तथा स्थानीय युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान देना होगा।
राज्य के बजट 2024-25 में वर्ष 2028 तक अर्थव्यवस्था को 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा गया था।
खनिज संपदा से वैल्यू एडिशन तक का सफर
छत्तीसगढ़ कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों के लिए जाना जाता है। राज्य में इस्पात, सीमेंट, बिजली और एल्युमिनियम जैसे उद्योग पहले से मौजूद हैं। विकसित छत्तीसगढ़ 2047 की दिशा में अगला कदम केवल कच्चे खनिजों के उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय अधिक मूल्यवर्धित औद्योगिक उत्पाद तैयार करना हो सकता है।
इसके लिए आधुनिक विनिर्माण, तकनीक आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स और छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन देना महत्वपूर्ण होगा। राज्य की औद्योगिक नीति 2024-30 में भी निवेश, नवाचार, टिकाऊ औद्योगिक विकास और स्थानीय उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
बस्तर और सरगुजा को विकास की मुख्यधारा में मजबूत स्थान
छत्तीसगढ़ के भविष्य की चर्चा बस्तर और सरगुजा के विकास के बिना अधूरी है। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक संपदा, पर्यटन, संस्कृति और वन आधारित अर्थव्यवस्था की व्यापक संभावनाएं हैं।
बेहतर सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, कौशल विकास और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति के साथ प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच, लोगों का विश्वास और स्थानीय समुदायों की भागीदारी विकास की रफ्तार को मजबूत कर सकती है।
यह भी जरूरी है कि विकास परियोजनाओं के दौरान आदिवासी अधिकारों, जंगलों और पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। विकसित राज्य वही होगा, जहां आर्थिक प्रगति और प्राकृतिक विरासत के बीच संतुलन कायम रहे।
पर्यटन और संस्कृति बन सकते हैं नई अर्थव्यवस्था की ताकत
छत्तीसगढ़ में चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, सिरपुर, बस्तर की जनजातीय संस्कृति, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन के कई आकर्षण हैं। इन्हें बेहतर सुविधाओं, परिवहन, स्वच्छता, स्थानीय गाइड, होमस्टे और प्रभावी प्रचार से पर्यटन अर्थव्यवस्था में बदला जा सकता है।
इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं, कारीगरों और छोटे कारोबारियों को आय के अवसर मिल सकते हैं। 2047 तक राज्य की पहचान केवल खनिज और उद्योगों से ही नहीं, बल्कि पर्यटन, संस्कृति और पारंपरिक कला से भी मजबूत हो सकती है।
आधुनिक शहर और बेहतर जीवन की सुविधाएं
रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर जैसे शहरी क्षेत्रों का नियोजित विकास राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति दे सकता है। भविष्य के शहरों में बेहतर सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छ पेयजल, सीवरेज, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र और किफायती आवास की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी विकसित छत्तीसगढ़ के विजन में शहरों को निवेश, व्यापार और रोजगार के केंद्र बनाने तथा भविष्य की जरूरतों के अनुसार शहरी नियोजन पर जोर दिया है। हालांकि, शहरी विकास का लक्ष्य केवल नई इमारतें और सड़कें बनाना नहीं होना चाहिए। शहरों को रहने योग्य, पर्यावरण के अनुकूल और आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना भी उतना ही जरूरी है।
2047 की राह में सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी?
विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए कई मोर्चों पर लगातार काम करना होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य की गुणवत्ता, स्थानीय रोजगार, किसानों की आय, क्षेत्रीय असमानता, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन इनमें प्रमुख हैं।
आर्थिक विकास के आंकड़ों के साथ यह भी देखना होगा कि परिवारों की वास्तविक आय बढ़ रही है या नहीं, युवाओं को स्थायी रोजगार मिल रहा है या नहीं और दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति कितनी सुधर रही है।
लक्ष्य तभी वास्तविक उपलब्धि बनेगा, जब योजनाओं के लिए स्पष्ट समयसीमा, पर्याप्त संसाधन, नियमित समीक्षा और सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित हो।
2047 का विकसित छत्तीसगढ़ ऐसा हो, जहां किसान समृद्ध हों, युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिले, महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हों, बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और हर परिवार को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। यह ऐसा राज्य हो, जहां उद्योगों के लिए निवेश और नवाचार के अवसर हों, गांवों में आधुनिक सुविधाएं हों, शहर व्यवस्थित हों और आदिवासी संस्कृति तथा प्राकृतिक विरासत सुरक्षित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बढ़ाई देते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध, सशक्त और विकसित राज्य बनाएं। इसके लिए किसानों की आय बढ़ाना, युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्राथमिकता है।छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उद्योगों और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा हों। बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में शांति, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और विकास को गति देना हमारा लक्ष्य है।हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ विकास के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करे -विष्णुदेव साय, सीएम, छत्तीसगढ़ शासन




