
रायपुर। बस्तर में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और युवाओं को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक के तीसरे संस्करण को लेकर खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार प्रतियोगिता के लिए कुल 6 लाख 492 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। प्रतियोगिता का आयोजन नवंबर और दिसंबर में दो चरणों में किया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 से 25 नवंबर तक जिलों में बस्तर ओलंपिक के मुकाबले आयोजित होंगे। इसके बाद 7 से 11 दिसंबर तक संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं होंगी। इस आयोजन में कुल 11 खेल विधाओं में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और दमखम का प्रदर्शन करेंगे।
जूनियर और सीनियर वर्ग में होंगे मुकाबले
बस्तर ओलंपिक में जूनियर और सीनियर दो वर्गों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष तक के खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे, जबकि सीनियर वर्ग के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। हॉकी और वेटलिफ्टिंग के मुकाबले सीधे जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।
प्रत्येक जिले से 410 खिलाड़ी करेंगे प्रतिनिधित्व
जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को संभाग स्तरीय मुकाबलों में अवसर मिलेगा। प्रत्येक जिले से 410 विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में अपने जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
दिव्यांग खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी मौका
बस्तर ओलंपिक की खास बात यह है कि इसमें नक्सल हिंसा के कारण दिव्यांग हुए खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी विशेष अवसर दिया जाएगा। इस पहल के जरिए खेलों को सामाजिक समरसता, पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ने का माध्यम बनाने की कोशिश की जा रही है।
6 लाख से अधिक पंजीयन के साथ बस्तर ओलंपिक का तीसरा संस्करण क्षेत्र में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।




