छत्तीसगढ़ में पहली बार खुली जेल की शुरुआत, अब जेल से बाहर जाकर काम कर सकेंगे बंदी

दुर्ग केंद्रीय जेल से शुरू हुई नई व्यवस्था, चयनित बंदियों को रोजगार और पुनर्वास का मिलेगा अवसर
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में जेल सुधार और बंदियों के पुनर्वास की दिशा में नई पहल की शुरुआत हुई है। दुर्ग केंद्रीय जेल में प्रदेश की पहली खुली जेल यानी ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन (OCI) शुरू की गई है। इसका औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने किया।
इस व्यवस्था के तहत पात्र और चयनित बंदियों को नियंत्रित नियमों के साथ जेल परिसर से बाहर जाकर काम करने का अवसर मिलेगा। काम पूरा करने के बाद उन्हें निर्धारित समय पर वापस जेल लौटना होगा। इसका उद्देश्य बंदियों को रोजगार से जोड़ने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की दिशा में अवसर उपलब्ध कराना है। राज्य शासन के जेल विभाग ने 21 सितंबर 2026 को दुर्ग केंद्रीय जेल में खुली जेल शुरू करने के संबंध में अधिसूचना जारी की थी। इसके अगले ही दिन इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया।
किन बंदियों को मिलेगा मौका?
खुली जेल की व्यवस्था सभी बंदियों के लिए नहीं होगी। निर्धारित पात्रता और आचरण के आधार पर बंदियों का चयन किया जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार शुरुआती चरण में दुर्ग में 50 बंदियों की क्षमता रखी गई है।
चयन में बंदी का जेल में आचरण, सजा की अवधि और काम करने की क्षमता जैसे मानदंड महत्वपूर्ण होंगे।पहले जेल परिसर में काम, फिर बाहर रोजगारशुरुआती तौर पर चयनित बंदियों को जेल परिसर के भीतर ही विभिन्न कार्यों से जोड़ा जाएगा। इनमें कैंटीन, गौशाला और अन्य काम शामिल हैं। इसके बाद व्यवस्था के अनुसार उन्हें जेल परिसर से बाहर जाकर रोजगार करने का अवसर दिया जाएगा। बाहर जाने और वापस लौटने का समय भी निर्धारित रहेगा। शाम तक बंदियों को वापस जेल परिसर में लौटना अनिवार्य होगा।
मकसद सिर्फ बाहर काम कराना नहीं, पुनर्वास भी
खुली जेल की अवधारणा का उद्देश्य बंदियों को अनुशासित वातावरण में काम, कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। इससे उन्हें धीरे-धीरे सामान्य सामाजिक जीवन के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है। राज्य में इस मॉडल को आगे अन्य जेलों तक विस्तारित करने की योजना भी बताई गई है।
छत्तीसगढ़ में आगे और जेलों तक विस्तार: राज्य में दुर्ग के अलावा अन्य स्थानों पर भी खुली जेल व्यवस्था विकसित करने की योजना है। बेमेतरा, जगदलपुर, रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर सहित छह स्थानों में ओपन जेल शुरू करने की तैयारी है.




