
रायपुर। संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका, जिसके बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। राज्य सरकार के मंत्रियों ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया है।
केदार कश्यप का विपक्ष पर हमला
राज्य के मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार,“विधेयक गिरने के बाद कांग्रेस और विपक्ष का जश्न मनाना यह दर्शाता है कि उन्होंने हमेशा महिलाओं को हेय दृष्टि से देखा है।”उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की निष्ठा सिर्फ गांधी परिवार तक सीमित है और पार्टी को देश की आम महिलाओं की चिंता नहीं है। “मातृ शक्ति के रूप में उन्हें केवल सोनिया गांधी और रॉबर्ट वाड्रा ही नजर आते हैं, जबकि देश की माता-बहनों के प्रति कोई सम्मान नहीं है।”
लक्ष्मी राजवाड़े का कड़ा बयान
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,“यह हम सभी महिलाओं का दुर्भाग्य है कि महिला आरक्षण विधेयक पास नहीं हो सका।”उन्होंने विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाते हुए कहा,“महिला विरोधी पार्टियों ने इस बिल को पास नहीं होने दिया और अब उसके गिरने पर जश्न मना रहे हैं।”
राजवाड़े ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि आने वाला समय इसका जवाब देगा।“हम गांव-गांव जाकर महिलाओं को बताएंगे कि कांग्रेस ने उनके अधिकारों के साथ क्या किया है। महिलाएं इसका करारा जवाब देंगी।”
मुद्दा बना राजनीतिक टकराव का केंद्र: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां एक ओर सरकार इसे महिलाओं के सम्मान और अधिकार से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।


