
रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि दुर्ग एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने वाला मुख्य आरोपी था। पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाता था, जिसके बाद यह आगे गैंग के सदस्यों तक पहुंचता था।
मामले में पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रोफेसर के साथ पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।बता दें कि IGKV की परीक्षा में “Pest Management in Crop and Stored Grains-I” का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और WhatsApp के जरिए वायरल हो गया था। जब छात्र परीक्षा देने पहुंचे तो वायरल हुआ प्रश्नपत्र ही परीक्षा में वितरित किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की थी। अब DCP क्राइम ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि प्रोफेसर ही प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि प्रश्नपत्र प्रोफेसर तक कैसे पहुंचा और इस नेटवर्क में विश्वविद्यालय या अन्य स्तर के कितने लोग जुड़े हुए हैं।पेपर लीक मामले में हुई गिरफ्तारियों के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और पेपर लीक के पीछे की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।




