छत्तीसगढ़

बैकुंठ–उरकुरा रेल खंड के बीच चौथी रेल लाइन निर्माण को रेल मंत्रालय की मंजूरी

₹426 करोड़ की परियोजना से रेल परिवहन को मिलेगी नई गति

रायपुर। रेल मंत्रालय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले बैकुंठ–उरकुरा रेल खंड (26.40 किमी) के बीच चौथी रेल लाइन निर्माण परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस महत्वपूर्ण क्षमता संवर्धन परियोजना की अनुमानित लागत ₹426.01 करोड़ निर्धारित की गई है।

मुंबई–हावड़ा हाई डेंसिटी रूट का अहम हिस्सा

बैकुंठ–उरकुरा खंड बिलासपुर–रायपुर–नागपुर मुख्य रेल मार्ग का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मुंबई–हावड़ा उच्च घनत्व नेटवर्क पर स्थित है। वर्तमान में इस रेल खंड पर तीन रेल लाइनें परिचालन में हैं, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों के चलते ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

परिचालन में आएगी उल्लेखनीय सुधार: चौथी रेल लाइन के निर्माण से इस खंड में रेल परिचालन को नई गतिशीलता मिलेगी। ट्रेनों का समयबद्ध और सुचारु संचालन सुनिश्चित होगा तथा परिचालनिक बाधाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और मालगाड़ियों की आवाजाही भी अधिक कुशल हो सकेगी।

औद्योगिक व वाणिज्यिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना के पूर्ण होने के बाद अतिरिक्त लाइन क्षमता के सृजन से औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इससे व्यापारिक आवागमन, लॉजिस्टिक्स और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा। रेल नेटवर्क के सुदृढ़ होने से क्षेत्रीय विकास को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होंगे।

क्षमता दबाव को देखते हुए जरूरी थी परियोजना

वर्तमान में इस रेल खंड की लाइन क्षमता 158 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जो वर्ष 2027 तक 171 प्रतिशत होने की संभावना है। इसी परिप्रेक्ष्य में चौथी रेल लाइन का निर्माण समय की आवश्यकता माना जा रहा था। यह परियोजना ऊर्जा, सीमेंट और खनिज कॉरिडोर के अंतर्गत चिन्हित की गई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी।

रेल अवसंरचना विकास को नई दिशारेल मंत्रालय द्वारा इस परियोजना को स्वीकृति मिलने से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में रेल अवसंरचना विकास, परिवहन सुगमता, व्यापारिक विस्तार और रोजगार सृजन को नई दिशा मिलेगी।

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CG Bulletin Desk1

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