बढ़ती ट्रांसपोर्ट लागत पर रायपुर बस्तर कोरापुट परिवहन संघ ने उठाई आवाज, केंद्र से टोल और खर्च घटाने की मांग

रायपुर। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सड़क परिवहन क्षेत्र की लगातार बढ़ती लागत और आर्थिक चुनौतियों को लेकर रायपुर बस्तर कोरापुट परिवहन संघ ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संघ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन भेजकर परिवहन क्षेत्र की जमीनी समस्याओं के समाधान और परिवहन एवं लॉजिस्टिक नीतियों में आवश्यक सुधार की मांग की है।
लॉजिस्टिक लागत घटानी है तो पहले रोड ट्रांसपोर्ट की लागत घटानी होगी
संघ अध्यक्ष सुखदेव सिंह सिद्धू ने कहा कि सरकार देश की लॉजिस्टिक लागत कम कर भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में प्रयास कर रही है, लेकिन दूसरी ओर सड़क परिवहन की वास्तविक लागत लगातार बढ़ती जा रही है।डीजल, टायर, वाहन, स्पेयर पार्ट्स, इंजन ऑयल, बीमा, मरम्मत एवं रखरखाव के खर्च में वृद्धि के साथ बढ़ते टोल शुल्क और अन्य परिचालन खर्चों ने छोटे एवं मध्यम ट्रक मालिकों के सामने गंभीर आर्थिक चुनौती खड़ी कर दी है।
उन्होंने कहा कि जब तक रोड ट्रांसपोर्ट की वास्तविक लागत कम नहीं होगी, तब तक देश की कुल लॉजिस्टिक लागत को अपेक्षित स्तर तक कम करना मुश्किल होगा।
टोल व्यवस्था की समीक्षा की मांग
ज्ञापन में देशभर में टोल शुल्क और टोल व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि लगातार बढ़ते टोल शुल्क का सीधा असर माल ढुलाई की लागत पर पड़ता है और छोटे एवं मध्यम ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
संघ ने सरकार से टोल नीति की समीक्षा कर परिवहन व्यवसाय पर पड़ने वाले आर्थिक भार को युक्तिसंगत बनाने की मांग की है।कथित अवैध वसूली और भ्रष्टाचार पर पारदर्शी व्यवस्था की मांगज्ञापन में विभिन्न राज्यों में जांच एवं प्रवर्तन व्यवस्था के दौरान वाहन चालकों और परिवहन संचालकों द्वारा लगाए जाने वाले अनावश्यक विलंब, उत्पीड़न और कथित अवैध वसूली से संबंधित शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है।
संघ ने कहा कि ऐसी प्रत्येक शिकायत की सक्षम एजेंसी से निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच होनी चाहिए। जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार अथवा नियमों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।संघ ने परिवहन विभाग एवं प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की मांग की है, ताकि वाहन चालकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके और भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगे।
छोटे ट्रक मालिकों की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की अपील
सिद्धू ने कहा कि बड़ी परिवहन कंपनियों की तुलना में छोटे एवं मध्यम ट्रक मालिक सीमित पूंजी और बढ़ते खर्च के बीच अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं। वाहन की किश्त, डीजल, टायर, बीमा, टैक्स, टोल और मरम्मत का खर्च बढ़ने से उनके सामने व्यवसाय जारी रखना चुनौती बनता जा रहा है।उन्होंने केंद्र सरकार से सुगम ऋण, ब्याज में राहत और अन्य उपयुक्त वित्तीय सहायता के विकल्पों पर विचार करने की मांग की है।वाहन चालकों के सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा भी उठायाज्ञापन में वाहन चालकों के साथ जांच एवं प्रवर्तन के दौरान गरिमापूर्ण और नियमानुसार व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
संघ ने कहा कि देश के एक कोने से दूसरे कोने तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने में ट्रक चालक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को भी परिवहन नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए।परिवहन मजबूत होगा, तभी अर्थव्यवस्था और मजबूत होगीसंघ अध्यक्ष ने कहा कि सड़क परिवहन का सीधा संबंध कृषि, उद्योग, व्यापार, निर्माण और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से है। इसलिए परिवहन क्षेत्र की समस्याओं को केवल ट्रक मालिकों की समस्या मानना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने से माल ढुलाई की लागत कम होगी, जिसका लाभ उद्योग, व्यापार और अंततः आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
केंद्र सरकार से त्वरित पहल की अपील
रायपुर बस्तर कोरापुट परिवहन संघ ने केंद्र सरकार से परिवहन क्षेत्र की वर्तमान आर्थिक एवं व्यावहारिक परिस्थितियों की व्यापक समीक्षा कर छोटे एवं मध्यम ट्रक मालिकों के हित में ठोस नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया है।
संघ ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी परिवहन क्षेत्र से जुड़े ट्रक मालिकों, चालकों एवं श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए टोल, परिचालन लागत, पारदर्शी प्रवर्तन व्यवस्था, भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों और परिवहन क्षेत्र की आर्थिक कठिनाइयों के समाधान की दिशा में ठोस पहल करेंगे।



