
रायगढ़/बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने पर्यावरण संरक्षण और कोयला परिवहन के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। रायगढ़ जिले के खरसिया और धरमजयगढ़ वन क्षेत्रों में बनाए गए विशेष ‘एनिमल पास’ (Animal Passes) से हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई है। इसके साथ ही वन्यजीवों से होने वाली रेल दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
SECL अधिकारियों के अनुसार, इन एनिमल पास के निर्माण के बाद हाथी और अन्य वन्यजीव बिना किसी बाधा के अपने प्राकृतिक मार्गों से गुजर रहे हैं। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा बढ़ी है और मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामलों में भी कमी देखने को मिली है।
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का एक बड़ा लाभ कोयला परिवहन को भी मिला है। प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित रेल कॉरिडोर पर अब कोयले की धुलाई (Coal Evacuation) पहले की तुलना में अधिक तेज और सुचारु हो गई है। वन्यजीवों की आवाजाही के लिए अलग सुरक्षित मार्ग बनने से रेल संचालन प्रभावित नहीं होता और मालगाड़ियों का संचालन अधिक दक्षता के साथ किया जा रहा है।
SECL का कहना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना कंपनी की प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत भविष्य में भी ऐसी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, जो विकास के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण को भी मजबूत करें।
बुनियादी ढांचा विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का उदाहरण पेश करते हुए, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री गति शक्ति पहल के तहत विकसित रेलवे कॉरिडोर पर वन्यजीवों के लिए विशेष ‘एनिमल पास’ तैयार किए हैं। इन विशेष मार्गों से हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो रही है। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष और दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आई है।बुनियादी ढांचे के विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप, कोयला मंत्रालय और SECL आर्थिक विकास तथा जैव विविधता संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पहल इस बात का सशक्त उदाहरण है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं- जी किशन रेड्डी, केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री
बुनियादी ढांचा विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का उदाहरण पेश करते हुए, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री गति शक्ति पहल के तहत विकसित रेलवे कॉरिडोर पर वन्यजीवों के लिए विशेष ‘एनिमल पास’ तैयार किए हैं। इन विशेष मार्गों से हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो रही है। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष और दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आई है।बुनियादी ढांचे के विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप, कोयला मंत्रालय और SECL आर्थिक विकास तथा जैव विविधता संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पहल इस बात का सशक्त उदाहरण है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं- जी किशन रेड्डी, केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री


