अगले वर्ष दुनिया की सबसे बड़ी खुली कोयला खदान कंपनी बनने की दिशा में SECL : धीरज चौधरी

ओडिशा के पत्रकारों ने गेवरा खदान का किया दौरा, आधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर कोयला उत्पादन की ली जानकारी
कोरबा/रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंतरराज्यीय मीडिया एक्सपोजर टूर के तीसरे दिन ओडिशा से आए पत्रकारों के दल ने मंगलवार को कोरबा जिले में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा खदान का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों ने बड़े पैमाने पर कोयला उत्पादन, आधुनिक खनन तकनीक, सुरक्षा प्रोटोकॉल और कोयला परिवहन व्यवस्था का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
गेवरा खदान पहुंचने पर पत्रकारों के दल का स्वागत SECL के महाप्रबंधक संजय मिश्रा और महाप्रबंधक (संचालन) धीरज चौधरी ने किया। संजय मिश्रा ने देश के विकास और ऊर्जा क्षेत्र में कोयले की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
महाप्रबंधक (संचालन) धीरज चौधरी ने पत्रकारों को गेवरा खदान के संचालन, उत्पादन, सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षित एवं प्रभावी खनन के लिए अपनाई जा रही तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने के साथ सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए तकनीकी और प्रबंधन स्तर पर लगातार बदलाव किए जा रहे हैं।
खदान में प्रत्यक्ष देखी खनन प्रक्रिया
मीडिया दल ने खनन क्षेत्र में जाकर उच्च क्षमता वाली मशीनरी, कोयला उत्खनन, ऊपरी मिट्टी और चट्टानी परतों को हटाने, कोयला प्रबंधन तथा परिवहन की प्रक्रियाओं को करीब से देखा।
पत्रकारों को बताया गया कि गेवरा खदान ने वर्ष 2023-24 में 5.91 करोड़ टन कोयला उत्पादन किया था और उस समय यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खुली कोयला खदान रही थी। खदान से सात राज्यों को कोयले की आपूर्ति किए जाने तथा भारत के कुल कोयला उत्पादन में लगभग छह प्रतिशत योगदान की जानकारी भी दी गई।
आधुनिक मशीनरी और डिजिटल तकनीक की जानकारी
दौरे के दौरान पत्रकारों को सरफेस माइनर्स, रिपर तकनीक और शोवेल-डंपर संयोजन के इस्तेमाल के बारे में बताया गया। उत्पादन की निगरानी और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट डिजीकोल के तहत किए जा रहे डिजिटल हस्तक्षेपों की भी जानकारी दी गई।
धीरज चौधरी ने SECL की भविष्य की उत्पादन योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी अगले वर्ष दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कोयला निकासी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी, कन्वेयर सिस्टम और रैपिड लोडिंग साइलो की भूमिका पर भी जानकारी साझा की।पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकसमीडिया दल को SECL की पर्यावरण संरक्षण संबंधी पहलों से भी अवगत कराया गया। इनमें वनीकरण, मियावाकी पद्धति से पौधरोपण, धूल नियंत्रण, खदान के पानी का प्रबंधन और भूमि पुनर्वास जैसे उपाय शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि खनन गतिविधियों के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।मीडिया दल के गेवरा दौरे के समन्वय में केंद्रीय संचार ब्यूरो, संबलपुर के सहायक निदेशक मनमोहन पाढ़ी और प्रेस सूचना ब्यूरो, भुवनेश्वर के सूचना सहायक विकास रंजन दलाई की भूमिका रही। दोनों अधिकारी दौरे के दौरान पत्रकारों के साथ मौजूद रहे और आवश्यक समन्वय किया।



