BEML में शंकर लाल अग्रवाल बने स्वतंत्र निदेशक, मुंगेली में 79.70 एकड़ में HEMM प्लांट निर्माण को हरी झंडी

रायपुर। रक्षा मंत्रालय के अधीन भारत सरकार के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) से छत्तीसगढ़ के लिए दो महत्वपूर्ण खबरें सामने आई हैं। एक ओर कंपनी के निदेशक मंडल में शंकर लाल अग्रवाल को स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) नियुक्त किया गया है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में BEML के भारी मशीनरी निर्माण संयंत्र की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।
राष्ट्रपति की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी पत्र के आधार पर प्रोमिला कुंडारा, शंकर लाल अग्रवाल और करुणाकरन नांबियार के. को कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक (Non-Official Independent Directors) नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निगरानी और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस को मजबूत करना है।
शंकर लाल अग्रवाल की BEML बोर्ड में एंट्री
शंकर लाल अग्रवाल की BEML के निदेशक मंडल में नियुक्ति को कंपनी के रणनीतिक और नीतिगत स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। BEML रक्षा, खनन, निर्माण और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए भारी एवं आधुनिक उपकरणों का निर्माण करने वाली केंद्र सरकार की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में शामिल है।
बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर उनकी भूमिका कंपनी की नीतियों, रणनीतिक निर्णयों और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े विषयों में महत्वपूर्ण होगी।

मुंगेली में बनेगा भारी मशीनरी निर्माण संयंत्र
इसी के साथ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के लिहाज से भी BEML की बड़ी परियोजना सामने आई है। मुंगेली जिले की पथरिया तहसील के ग्राम चंद्रगढ़ी में BEML के लिए 79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।इस जमीन पर हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट (HEMM) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। इससे छत्तीसगढ़ में भारी खनन एवं निर्माण उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
BEML पहले से ही खनन और निर्माण क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर मशीनरी तैयार करती है। कंपनी ने वर्ष 2025 में भी छत्तीसगढ़ में आधुनिक माइनिंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने में रुचि दिखाई थी। प्रस्तावित संयंत्र में डंप ट्रक, वॉटर स्प्रिंकलर और मोटर ग्रेडर जैसे उपकरणों के निर्माण की योजना का उल्लेख BEML ने किया था।
रोजगार के साथ विकसित होगा औद्योगिक इकोसिस्टम:BEML के इस प्लांट से मुंगेली और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भारी मशीनरी निर्माण के साथ-साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, स्पेयर पार्ट्स, इंजीनियरिंग, सर्विसिंग और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी नए कारोबार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
खनिज बहुल राज्यों को मिलेगा फायदा:छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां कोयला, लौह अयस्क तथा अन्य खनिजों के उत्खनन में भारी मशीनरी की लगातार जरूरत रहती है। मुंगेली में BEML का संयंत्र स्थापित होने से राज्य की खनन एवं निर्माण गतिविधियों के लिए भारी उपकरणों की उपलब्धता मजबूत हो सकती है।
इसके अलावा मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड जैसे पड़ोसी खनिज उत्पादक राज्यों में भी BEML के उपकरणों की मांग को पूरा करने में इस संयंत्र की रणनीतिक भूमिका हो सकती है।
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नक्शे पर मुंगेली की नई पहचान
BEML की प्रस्तावित परियोजना मुंगेली को भारी इंजीनियरिंग और मशीनरी निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है। एक ओर जहां कंपनी के बोर्ड में नए स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति से प्रशासनिक एवं रणनीतिक ढांचा मजबूत हुआ है, वहीं दूसरी ओर मुंगेली में प्रस्तावित प्लांट छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कुल मिलाकर, BEML की मुंगेली परियोजना से भारी मशीनरी निर्माण, रोजगार, सहायक उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख खनन एवं भारी मशीनरी विनिर्माण केंद्रों में स्थान दिलाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।



