नारी वंदन विशेष सत्र में गूंजा महिला आरक्षण मुद्दा, शासकीय संकल्प पर तीखी बहस

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में शासकीय संकल्प पेश करते हुए लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण लागू करने का आग्रह किया।
शासकीय संकल्प में स्पष्ट किया गया कि यह आरक्षण परिसीमन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लागू किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय निर्धारित किया, जिसके दौरान सत्ता पक्ष ने इसे ऐतिहासिक पहल बताया।
विपक्ष का हंगामा, तत्काल आरक्षण की मांग
वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बिना परिसीमन का इंतजार किए वर्तमान सीटों पर ही तुरंत 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया।हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष सत्र केवल शासकीय कार्यों के लिए बुलाया गया था और इसका एजेंडा पूर्व निर्धारित था। इस फैसले के बाद विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया और सरकार पर महिलाओं के मुद्दे को टालने का आरोप लगाया।
महिला जनप्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी
इस विशेष सत्र को लेकर प्रदेशभर से लगभग 500 महिला जनप्रतिनिधि विधानसभा पहुंचीं, जिससे सत्र का महत्व और भी बढ़ गया। सदन में महिला आरक्षण को लेकर जारी चर्चा ने इसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद अहम बना दिया है।
महिला आरक्षण पर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण के बीच यह विशेष सत्र छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस संकल्प का आगे क्या स्वरूप सामने आता है।



