बारसे देवा के सरेंडर के कयास तेज, डिप्टी CM विजय शर्मा के अचानक सुकमा दौरे से बड़ी हलचल

सुकमा। सुकमा में नक्सल मोर्चे पर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। शनिवार देर शाम डिप्टी CM विजय शर्मा अचानक सुकमा पहुंचे, जहां उन्होंने सरेंडर नक्सलियों से मुलाकात की। पुनर्वास शिविर में उन्होंने नक्सलियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। डिप्टी CM ने दोहराया कि सरकार पुनर्वास चाहने वाले हर नक्सली का स्वागत करेगी। वे आज रात सुकमा में ही रुककर जिले की सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा कर रहे है।

इधर नक्सली कमांडर बारसे देवा उर्फ चैतु के कल गृहमंत्री के समक्ष सरेंडर करने की चर्चा है। लंबे समय से सक्रिय देवा को सुकमा-बीजापुर बॉर्डर के कई हमलों का प्रमुख मास्टरमाइंड माना जाता रहा है। पिछले दिनों डिप्टी CM विजय शर्मा ने देवा की मां से मुलाकात कर उसे हथियार छोड़ने की अपील की थी। इसके बाद से उसके आत्मसमर्पण की चर्चाएँ तेज हैं।
सूत्रों का कहना है कि बारसे देवा कल औपचारिक रूप से सरेंडर कर सकता है। मान जा रहा है कि देवा के समर्पण से दक्षिण बस्तर में नक्सली नेटवर्क ध्वस्त हो जाएगा।
हिड़मा के खात्मे के बाद बढ़ा दबाव
दक्षिण बस्तर में कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा के खात्मे के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर बा देवा पर है। देवा भी उसी ओयोपारा गांव का रहने वाला है, जहां हिड़मा का घर था। दोनों मात्र चार किलोमीटर की दूरी पर पले-बढ़े और संगठन में लगभग एक ही समय पर सक्रिय हुए। फिलहाल वह नक्सलियों की मिलिट्री दलम का प्रमुख है और पिछले कई वर्षों में बस्तर में हुए बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। झीरम घाटी कांड, दंतेवाड़ा-सुकमा में हुए आईईडी ब्लास्ट और सुरक्षाबलों पर घात लगाकर किए गए कई हमलों में उसकी भूमिका पहले भी सामने आ चुकी है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, देवा बेहद चालाक, आक्रामक और संगठन के सैन्य विंग में सबसे प्रभावी चेहरा माना जाता है, हालांकि हिड़मा के ढेर होने के बाद उसके समर्पण करने के साथ ही समाज के मुख्य धारा से जुड़ने के कयास तेज है।




