छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल 12 जिलों में ‘अस्मिता खेलो इंडिया महिला लीग’ आयोजित करने का प्रस्ताव

केंद्र सरकार से सहयोग व अनुमति की मांग, महिला खिलाड़ियों को मिलेगा सशक्त मंच
रायपुर। छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिलों में महिला खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन ने राज्य के 12 आदिवासी बहुल जिलों में अस्मिता खेलो इंडिया महिला लीग प्रतियोगिता आयोजित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखा है।
इस संबंध में एसोसिएशन के महामंत्री आयुष मुरारका ने खेलो इंडिया डिविजन के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव एवं भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के उपनिदेशक अभिनव शर्मा को पत्र लिखकर प्रतियोगिता के आयोजन हेतु अनुमति, सहयोग और मार्गदर्शन देने का आग्रह किया है।
महिला सशक्तिकरण और खेल संस्कृति पर जोर
पत्र में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख आदिवासी बहुल राज्यों में शामिल है, जहां ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में महिला खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। केंद्र सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित अस्मिता खेलो इंडिया कार्यक्रम महिलाओं को खेल के माध्यम से आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए आर्चरी एसोसिएशन ने आदिवासी बहुल 12 जिलों में महिला एथलीट्स के लिए प्रतियोगिता आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे उन्हें न केवल प्रतिस्पर्धात्मक अवसर मिलेगा बल्कि खेल संस्कृति को भी जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।
‘नारी शक्ति का उत्सव’ मनाने की तैयारी
एसोसिएशन का कहना है कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से नारी शक्ति, खेल अस्मिता और लैंगिक समानता के संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा। आयोजन को “नारी शक्ति का उत्सव” के रूप में मनाने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं खेलों से जुड़ें और अपनी प्रतिभा को निखार सकें।
अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार और खेलो इंडिया डिविजन के निर्णय पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में महिला खेल प्रतिभाओं को एक नई पहचान और बड़ा मंच मिल सकता है।



