बलरामपुर ब्रेकिंग: SDM तहसीलदार पर लाठी – डंडे से पिटाई का गंभीर आरोप, ग्रामीण की मौत से क्षेत्र में तनाव,सियासत भी तेज

बलरामपुर – जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम हंसपुर में प्रशासनिक टीम पर लगे गंभीर आरोपों के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि एसडीएम की टीम ने पूछताछ के दौरान लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना में राम नरेश राम (62 वर्ष) की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि आकाश अगरिया (20 वर्ष) घायल अवस्था में कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचाराधीन है। मृतक के साथ मौजूद अजीत कुमार (60 वर्ष) भी घटना के समय मौके पर थे। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान की गई मारपीट के चलते राम नरेश राम की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

इलाके में यह चर्चा भी तेज है कि हंसपुर क्षेत्र में बॉक्साइट के अवैध उत्खनन को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। बताया जा रहा है कि बॉक्साइट से लदे एक ट्रक को रोककर कथित अवैध वसूली की सूचना मिलने पर एसडीएम और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे थे। हालांकि इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मामले पर वैभव बैंकर, पुलिस अधीक्षक, ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पीएम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है। सुरक्षा की दृष्टि से एसडीएम, नायब तहसीलदार और उनकी टीम को राजपुर थाने में रखा गया है, वहीं तनाव को देखते हुए कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

ग्रामीण की मौत, कुसमी–राजपुर मार्ग पर चक्काजाम
बलरामपुर जिले में SDM की कथित पिटाई से ग्रामीण की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मृतक के परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कुसमी–राजपुर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि SDM और उसके सहयोगियों के खिलाफ तत्काल अपराध दर्ज किया जाए। परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान हुई मारपीट के कारण ही ग्रामीण की मौत हुई है। इस घटना को प्रशासनिक अत्याचार बताते हुए कांग्रेस नेताओं ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
चक्काजाम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की भी मांग रखी। उनका कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी और उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं और हालात को काबू में करने की कोशिश की जा रही है।
घटना पर सियासत तेज, कांग्रेस–भाजपा आमने-सामने
बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत हंसपुर गांव में हुई घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ग्रामीण की मौत और प्रशासनिक टीम पर लगे आरोपों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखा टकराव देखने को मिल रहा है।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि गरीब आदिवासियों पर लगातार हमले हो रहे हैं और प्रशासनिक हिंसा चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रशासन के लोग अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर निकलकर प्रदेश को कंट्रोल करने का काम कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है। कांग्रेस ने इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि मामले की जांच जारी है, ऐसे में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपना कार्यकाल याद रखना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस शासन के दौरान भी इस तरह की घटनाओं से सभी परिचित हैं।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है और प्रशासनिक स्तर पर जांच प्रक्रिया जारी है। वहीं राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्थानीय लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




