वेस्ट एशिया संकट पर पीएम मोदी की हाई लेवल बैठक: राज्यों को सतर्कता और समन्वय के निर्देश

नई दिल्ली। एशिया में उभरते हालात के मद्देनजर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक की। बैठक का उद्देश्य वैश्विक परिस्थितियों के भारत पर संभावित प्रभावों को लेकर तैयारियों की समीक्षा करना था।
“टीम इंडिया” की भावना से चुनौतियों का सामना करेंगे – पीएम
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य मिलकर “टीम इंडिया” के रूप में काम करते हुए इस स्थिति से सफलतापूर्वक निपटेंगे। उन्होंने कोविड-19 काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उसी तरह का समन्वय आज भी सबसे बड़ी ताकत है।
सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट: पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा हालात में सरकार की प्राथमिकताएं हैं:आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना। नागरिकों के हितों की रक्षा करना। उद्योग और सप्लाई चेन को मजबूत रखना।
राज्यों को सख्त निर्देश: जमाखोरी पर कार्रवाई करें
प्रधानमंत्री ने राज्यों से कहा कि:सप्लाई चेन सुचारू रखें। जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर कड़ी कार्रवाई करें। जिला और राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखें। कृषि और उर्वरक प्रबंधन पर खास जोर। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए पीएम ने उर्वरकों के भंडारण और वितरण की निगरानी पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अफवाहों से सतर्क रहने की सलाह: प्रधानमंत्री ने फेक न्यूज और अफवाहों पर चिंता जताते हुए कहा कि:सही और विश्वसनीय जानकारी समय पर साझा की जाए।ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी एजेंटों से सावधान रहें।सीमा और तटीय राज्यों के लिए विशेष सतर्कता।
पीएम ने सीमा और तटीय राज्यों को शिपिंग, जरूरी वस्तुओं और समुद्री संचालन से जुड़े संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क रहने को कहा। ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर जोर। दीर्घकालिक रणनीति के तहत प्रधानमंत्री ने राज्यों को:सौर ऊर्जा, बायोफ्यूल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देनेपाइप्ड नेचुरल गैस विस्तारघरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की।
राज्यों ने जताया भरोसा, राहत फैसलों का स्वागत
बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों ने:पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले का स्वागत किया।LPG आवंटन बढ़ाने को राहतकारी बताया।भरोसा जताया कि राज्यों में ईंधन और जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है।
केंद्र-राज्य मिलकर करेंगे हालात का सामना: मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि मौजूदा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।




