
डिप्टी सीएम साव ने किया स्वागत, बैज ने उठाए सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में राष्ट्रगान, राज्यगीत और भोजन मंत्र के नियमित पाठ को लेकर राजनीति गरमा गई है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए शेड्यूल पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।उप मुख्यमंत्री Arun Sao ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान, राज्यगीत और गायत्री मंत्र भारतीय संस्कृति और देशभक्ति के प्रतीक हैं। यह नई पीढ़ी को अध्यात्म, संस्कार और राष्ट्रप्रेम से जोड़ने का बड़ा अभियान है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में सरकार ने सकारात्मक पहल की है और अभिभावक भी इसका स्वागत कर रहे हैं।
खामियों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे आदेश – बैज
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने इस फैसले को राजनीतिक प्रोपेगेंडा करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रार्थना और मंत्रोच्चार कोई नई बात नहीं है, सभी लोग बचपन से स्कूलों में प्रार्थना करते हुए बड़े हुए हैं। मंत्र पढ़ाने पर किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन सरकार को स्कूलों की मूलभूत समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, शिक्षकों की कमी है और छात्रों को समय पर पुस्तकें एवं कॉपियां तक नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की खामियों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रही है।
स्कूलों में राष्ट्रगान, राज्यगीत और भोजन मंत्र को लेकर शुरू हुई यह बहस अब राजनीतिक रंग ले चुकी है, जिसमें सत्ता इसे सांस्कृतिक और राष्ट्रनिर्माण का कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे शिक्षा के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश मान रहा है।




