भूपेश बघेल की टिप्पणी पर भड़के अरुण साव, बोले- लोकतंत्र में ऐसी भाषा स्वीकार्य नहीं

रायपुर। हरेली तिहार के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर छत्तीसगढ़ में सियासत गरमा गई है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बघेल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
अरुण साव ने भूपेश बघेल पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित या कांग्रेस गठबंधन वाले राज्यों में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
जिन छात्रों के लिए फूल बिछने चाहिए, वहां कांटे बिछाए जा रहे
उपमुख्यमंत्री ने झारखंड में छात्रों से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन की सरकार है और वहां छात्रों के साथ कथित तौर पर बर्बरता हो रही है, लेकिन कांग्रेस और भूपेश बघेल इस मुद्दे पर क्यों नहीं बोलते?साव ने कहा कि जिन छात्रों की राह में फूल बिछाए जाने चाहिए, वहां कांटे बिछाए जा रहे हैं। कांग्रेस को इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में भ्रम और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है।
भूपेश बघेल के बयान से बढ़ा विवाद: दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बंगले पर हरेली तिहार के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर चल रहे ‘56 इंच का छोटा बंदर, बाल नरेंद्र’ वाले पोस्ट का जिक्र किया।बघेल ने कहा था कि जो काम वे लोग नहीं कर पाए, वह बच्चों ने कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री की 56 इंच के सीने वाली छवि का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी मुश्किल से यह छवि बनाई गई थी, लेकिन बच्चों ने एक मिनट में उस छवि को धो दिया।
बघेल की इस टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं की ओर से लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है और अब उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है।
ED कार्रवाई पर भी कांग्रेस को घेरा:ED की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भी अरुण साव ने हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि ED की जांच में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जिस मजबूती के साथ इस मामले में विरोध कर रही है, उससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी घोटाले के आरोपी के साथ खड़ी दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ओर से जिस तरह की धमकियां दी जा रही हैं, वह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के पक्ष में खड़ी दिखाई दे रही है।
स्काईवॉक को लेकर भी कांग्रेस पर हमला
रायपुर के अधूरे स्काईवॉक के काम को आगे बढ़ाने की तैयारी को लेकर भी उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्काईवॉक की दुर्दशा के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है और कांग्रेस ने पांच साल तक इस काम को अटकाकर रखा।
साव ने कहा कि इस परियोजना में सरकार के खजाने की बड़ी राशि लगी है और काम को रोककर नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि यह पुराना और लंबे समय से बंद पड़ा काम है, इसलिए इसे पूरा करने में समय लग रहा है। सरकार इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निर्दोष आदिवासियों की रिहाई के मामलों की समीक्षा: नक्सलवाद के खात्मे के बाद कांग्रेस की ओर से निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग पर अरुण साव ने कहा कि सरकार संबंधित मामलों की समीक्षा कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादा किया है, उसे पूरा किया जाएगा। संबंधित मामलों की जांच की जा रही है और जल्द ही सरकार इस विषय पर आवश्यक संज्ञान लेगी।
सड़क और भवन निर्माण पर भी बोले साव
लोक निर्माण विभाग में सड़क और भवन निर्माण कार्यों को लेकर सख्ती के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराना है।उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सभी आवश्यक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बारिश समाप्त होते ही सड़क निर्माण, मरम्मत और भवन निर्माण के कार्यों को गति दी जाएगी।अरुण साव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने सड़कों के विकास के लिए लगातार काम किया है और आने वाले समय में निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को और गति दी जाएगी।



