Somnath Swabhiman Yatra: प्रदेश के 1000 विशिष्टजन विशेष ट्रेन से करेंगे सोमनाथ धाम की यात्रा, कल CM साय दिखाएंगे हरी झंडी

रायपुर। भारतीय संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक सोमनाथ धाम से जुड़ने के लिए छत्तीसगढ़ से एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। ‘‘सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा’’ के तहत प्रदेश के 1000 विशिष्टजन विशेष ट्रेन के माध्यम से गुजरात स्थित सोमनाथ धाम की यात्रा करेंगे। इस यात्रा का शुभारंभ 22 जून को रायपुर रेलवे स्टेशन से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे।
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह यात्रा 22 से 26 जून 2026 तक चलेगी। शुभारंभ कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा सांसद, विधायक, महापौर सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है। इसी उद्देश्य के साथ संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की यह यात्रा उसी राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ना है।यात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित विशिष्टजन, पद्म पुरस्कार और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
विशेष बात यह है कि प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों की पवित्र मिट्टी और नदियों का जल लेकर सोमनाथ धाम पहुंचेंगे, जो भारत की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता का प्रतीक बनेगा।यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को सोमनाथ मंदिर के दर्शन के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला यात्राएं और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी इस यात्रा के प्रमुख आकर्षण होंगे।
संस्कृति विभाग के अधिकारियों के अनुसार यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रतिभागियों के स्वास्थ्य परीक्षण, यात्रा व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। विशेष ट्रेन के माध्यम से यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय एकता का उत्सव है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला, साहित्य और आध्यात्मिक परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




