
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र में सोमवार को शून्यकाल के दौरान राम मंदिर चंदा मामले को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी से 3 करोड़ राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।
इस पर सत्ता पक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ विधानसभा का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय पर चर्चा के लिए विधानसभा की निर्धारित प्रक्रिया होती है और उसी के तहत चर्चा होनी चाहिए।
विपक्ष की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया है, इसलिए यह राज्य के लोगों से जुड़ा विषय है और इस पर चर्चा होना आवश्यक है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि जब सरकार कोई विषय लाती है तो चर्चा होती है, लेकिन विपक्ष के मुद्दों पर व्यवधान खड़ा किया जाता है।
मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह राज्य सूची का विषय नहीं है, इसलिए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता। अध्यक्ष ने आग्रह करते हुए इस विषय पर आगे की चर्चा की अनुमति नहीं दी और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई।




