
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतनेट परियोजना (BharatNet Project) की धीमी प्रगति का मुद्दा संसद में जोरदार ढंग से उठाया गया। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए परियोजना की समीक्षा और निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतनेट परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसका लाभ अभी तक अपेक्षित स्तर पर नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि परियोजना पर अब तक करीब ₹3,000 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, इसके बावजूद अधिकांश पंचायतों में इंटरनेट सेवा प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो सकी है।
उन्होंने सदन में जानकारी दी कि पहले चरण में राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई गई। इनमें से 3,519 पंचायतों में नेटवर्क बंद है या उपयोग में नहीं है, जबकि केवल 595 पंचायतों में ही इंटरनेट सेवा संचालित हो रही है।
सांसद ने यह भी बताया कि दूसरे चरण में 5,540 पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का कार्य पूरा किया गया है, लेकिन अभी तक एक भी पंचायत में इंटरनेट सेवा शुरू नहीं हो पाई है।
बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि भारतनेट परियोजना के कार्यों की व्यापक समीक्षा कराई जाए, इसके लिए एक प्रभावी निगरानी समिति गठित की जाए और नए आवंटित फंड का समयबद्ध एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।




