झीरम घाटी नक्सली हमला: अंतिम बहस के दौर में पहुंचा मामला, आज बचाव पक्ष रखेगा दलील

जगदलपुर। झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की सुनवाई अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। जगदलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में सोमवार को मामले की अंतिम बहस शुरू हुई। अदालत ने पूरे दिन अभियोजन पक्ष की अंतिम दलीलें सुनीं, लेकिन न्यायालयीन समय समाप्त होने के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी।
अब मंगलवार को बचाव पक्ष अपनी अंतिम दलीलें अदालत के सामने रखेगा। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी। इसके बाद फैसला सुरक्षित रखा जा सकता है या निर्णय सुनाने के लिए अगली तारीख निर्धारित की जा सकती है।
सोमवार को अंतिम बहस शुरू होने के चलते जगदलपुर जिला न्यायालय परिसर में दिनभर गहमागहमी रही। एनआईए की विशेष अदालत में शासन की ओर से अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अपनी अंतिम दलीलें पेश कीं। पूरे दिन अभियोजन पक्ष की ही दलीलें सुनी गईं।
101 गवाहों के बयान दर्ज
झीरम घाटी मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अब तक 101 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए जा चुके हैं। गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामला अब अंतिम बहस के चरण में पहुंचा है।
मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चल रहा है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है। शासन की ओर से मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पाणिग्रही पैरवी कर रहे हैं।
25 मई 2013 को हुआ था हमला
झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में हुआ था। इस घातक नक्सली हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कई लोगों की मौत हुई थी।
शहीदों के परिजनों की नजर अदालत पर:झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े राजनीतिक और नक्सली हमलों में शामिल रहा है। मामले की सुनवाई अंतिम चरण में पहुंचने के बाद शहीदों के परिजनों के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर अब अदालत की अगली कार्रवाई पर है।मंगलवार की सुनवाई में बचाव पक्ष की अंतिम दलीलें महत्वपूर्ण रहेंगी। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत मामले में अगला कदम क्या उठाती है।
झीरम घाटी मामले पर कांग्रेस के बयानों पर अजय चंद्राकर का पलटवार, बोले- ‘कांग्रेस भवन से ही फैसला सुना दें’
झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की एनआईए स्पेशल कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर कांग्रेस के बयानों पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है।
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस के नेता खुद ही जज बन जाएं और कांग्रेस भवन से ही फैसला सुना दें।” उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही इसका फैसला होना चाहिए।
विधायक चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है और वह केवल झीरम घाटी मामले पर राजनीति करना चाहती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयानों को राजनीतिक दृष्टि से प्रेरित बताते हुए न्यायालय की प्रक्रिया पर भरोसा रखने की बात कही।



