59 एकड़ चरागाह जमीन उद्योग विभाग को देने पर मोहम्मद अकबर ने उठाए सवाल

बलौदाबाजार में चरागाह भूमि के औद्योगिक उपयोग को लेकर विवाद, पूर्व मंत्री ने सीएम से हस्तक्षेप की मांग की
रायपुर – बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील के ग्राम चंदेरी में 59 एकड़ (23.93 हेक्टेयर) चरागाह भूमि को औद्योगिक क्षेत्र के लिए उद्योग विभाग को सौंपे जाने का मामला सामने आया है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं।
मोहम्मद अकबर के अनुसार, चंदेरी की खसरा नंबर 1660, 2206, 2207 और 1743 की चरागाह भूमि को 6 फरवरी 2026 को उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया गया और इसकी जानकारी भुइयां पोर्टल पर भी दर्ज कर दी गई।
उन्होंने दावा किया कि ग्राम पंचायत चंदेरी ने 20 दिसंबर 2025 को प्रस्ताव पारित कर भूमि हस्तांतरण का विरोध किया था। इसके बाद 30 जुलाई 2026 को हुई ग्राम सभा में भी ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर अपना विरोध दोहराया।
पूर्व मंत्री का कहना है कि यह जमीन 8 से 10 पंचायतों के मवेशियों के लिए प्रमुख चरागाह है। ऐसे में जमीन का औद्योगिक उपयोग होने से पशुपालकों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
मोहम्मद अकबर ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन का हस्तांतरण दामाखेड़ा के 10 किलोमीटर के दायरे में उद्योग नहीं लगाने के आश्वासन के विपरीत है। उन्होंने सार्वजनिक चरागाह भूमि के दूसरे उपयोग को लेकर सरकारी नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए मामले की जांच की मांग की है।
पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने और राजस्व मंत्री से जमीन हस्तांतरण की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने इसे क्षेत्र का बड़ा भूमि विवाद बताते हुए सरकार से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।




