
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम अचानक पानी और मलबा भर जाने से बड़ा हादसा हो गया। यह टनल विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना से जुड़ी है। हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
घटना के वक्त टनल के अंदर 22 मजदूर काम कर रहे थे। भूस्खलन के बाद अचानक पानी और मलबा टनल के भीतर तेजी से घुसा, जिससे मजदूरों को संभलने और बाहर निकलने का बेहद कम समय मिला। बचाव दलों ने कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अलग-अलग अपडेट में बचाए गए और लापता श्रमिकों की संख्या बदलती रही है, क्योंकि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है।
कुछ ही सेकंड में बदल गया पूरा मंजर: टनल के भीतर सरिया बांधने का काम कर रहे छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने हादसे का भयावह मंजर बताया। उनके मुताबिक, अचानक भूस्खलन हुआ और इसके बाद पानी तथा पहाड़ का मलबा तेजी से टनल के अंदर आने लगा। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच गई।
बचाव अभियान में NDRF, SDRF सहित अन्य सुरक्षा एवं आपदा राहत एजेंसियां जुटी हुई हैं। टनल के अंदर पानी और मलबे की वजह से रेस्क्यू टीमों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हादसे में छत्तीसगढ़ और झारखंड के मजदूरों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे दोनों राज्यों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है तथा रेस्क्यू ऑपरेशन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पहले भी हुआ था टनल में हादसा: बताया जा रहा है कि इसी परियोजना की टनल में दिसंबर 2025 में दो लोको ट्रेनों की टक्कर का हादसा भी हुआ था, जिसमें कई मजदूर घायल हुए थे।
फिलहाल टनल के भीतर फंसे श्रमिकों की तलाश और राहत-बचाव अभियान जारी है। मृतकों और लापता श्रमिकों की संख्या को लेकर आधिकारिक अपडेट आने के साथ आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।




