रायपुर में आयुर्वेद महासम्मेलन: 1 हजार से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड; विधायक अनुज शर्मा और कलेक्टर गौरव सिंह ने लिया देहदान का संकल्प

CM साय ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत रायपुर में विश्व आयुर्वेद दिवस पर इंडोर स्टेडियम में आयुर्वेद महासम्मेलन एवं सेवा महाकुंभ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, रक्तदान और सामाजिक सेवा से जुड़े विभिन्न आयोजन हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया।
1 हजार से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

इस कार्यक्रम में करीब 3000 से अधिक लोगों ने एक जगह पर रक्त दान कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यह गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। वहीं कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा और कलेक्टर गौरव सिंह ने सप्तनिक देहदान का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सामाजिक पहल के लिए उन्हें सम्मानित किया।
सेवा महाकुंभ में कई तरह की सेवाएं
कार्यक्रम में रक्तदान, देहदान के आलावा स्वास्थ्य परिक्षण जैसे कई सेवाएं एक जगह दी जा रही है. यहाँ लोग खिलौने और किताबें भी दान कर रहे है,जिन्हें जरूरतमंद बच्चों और लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
आयुर्वेद के महत्व पर CM साय ने दिया जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत में आयुर्वेद का महत्व प्राचीन काल से रहा है। देश के महान आयुर्वेदाचार्यों ने इस चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आयुर्वेद और आयुष पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए लोगों की भागीदारी और जनसेवा की भावना जरूरी है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयोजन के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुर्वेद के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। आयुर्वेद एवं आयुष क्षेत्र को मजबूत करने को लेकर राज्य में लगातार पहल की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर में आयुर्वेद के क्षेत्र में बड़ी संस्थागत पहल की दिशा में काम किया जाएगा। ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ में 6 आयुर्वेदिक कॉलेज खोले गए हैं, जिससे आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं को विस्तार मिला है। केंद्र की ओर से भी आयुष संस्थानों और शिक्षा के विस्तार के लिए योजनाओं के तहत राज्यों को सहायता का प्रावधान है।




