छत्तीसगढ़देश

घुसपैठियों के वोट कटने से कांग्रेस को तकलीफ, राहुल गांधी को जनता का दिल जीतना सीखना चाहिए: जेपी नड्डा

दुर्ग में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ सभा से कांग्रेस पर बरसे केंद्रीय मंत्री नड्डा, SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

दुर्ग। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दुर्ग में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के वोट कटने से कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। कांग्रेस घुसपैठियों के सहारे अपनी सरकार चलाना चाहती है, जबकि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।

WhatsApp Image 2026 09 22 at 9.10.11 PM

जेपी नड्डा ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां सफलतापूर्वक चुनाव कराने के लिए पूरी दुनिया भारतीय चुनाव आयोग की सराहना करती है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल अपनी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ते हैं।

‘चुनाव जीतें तो खुद को होशियार, हारें तो चुनाव आयोग खराब’

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि स्कूल में कोई बच्चा पास हो जाता है तो खुद को होशियार बताता है, लेकिन फेल होने पर शिक्षक को खराब बताता है। यही हाल राहुल गांधी का है। चुनाव जीतने पर सब ठीक रहता है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी एसआईआर पर सवाल खड़े करती है। लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए।

1975 के आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर हमला

जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र की रक्षा की बात करती है, लेकिन इसी पार्टी ने 1975 में देश में आपातकाल लगाया था। विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन किया गया। उन्होंने कांग्रेस पर संविधान के अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग और चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने का भी आरोप लगाया।

‘मृत व्यक्ति का नाम हटाने और डुप्लीकेट वोट सुधारने में क्या गलत?’

एसआईआर का समर्थन करते हुए नड्डा ने सवाल किया कि यदि किसी मतदाता की मृत्यु हो गई है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाने में क्या गलत है? यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है, तो उसे दुरुस्त करने में क्या परेशानी है?उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया का विरोध करने वाले राजनीतिक दल जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

बंगाल में मतदाताओं की संख्या बढ़ने पर उठाए सवाल

नड्डा ने पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में मतदाताओं की संख्या बढ़ने का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में मतदाता कहां से आए। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों के मुद्दे पर कार्रवाई होने से विपक्षी दल परेशान हैं।उन्होंने कहा कि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है और इसमें अनियमितताओं की पहचान करना जरूरी है।

चांदमेटा का उदाहरण देकर चुनाव आयोग की सराहना

जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के चांदमेटा का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां पहले मतदान की सुविधा नहीं थी, वहां मतदान केंद्र स्थापित होने के बाद लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

‘जनता का दिल जीतना सीखें राहुल गांधी’

नड्डा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे चुनावी हार के बाद गंभीर आरोप लगाते हैं, लेकिन उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत साबित करने की जरूरत है। उन्होंने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा जनता के बीच रहकर काम करती है और लोगों का विश्वास जीतती है।

सभा में नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी को जनता का दिल जीतना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश सुरक्षित हाथों में है और भाजपा अपने काम के दम पर जनता का समर्थन हासिल करती रहेगी।

सीएम विष्णुदेव साय बोले- लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस ने ही 1975 में लगाया था आपातकाल

दुर्ग में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ सभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन के कुछ नेता देश में अराजकता फैलाने और लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।

सीएम साय ने कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस ने ही वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लगाया था। उस दौरान लोकतंत्र की हत्या की गई, गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेल में डाला गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई बार संविधान के अनुच्छेद 356 का उल्लंघन करते हुए चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने का काम किया। यह सब देश की जनता जानती है।

सीएम साय ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का सही और पारदर्शी होना जरूरी है। मृत मतदाताओं के नाम हटाना और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को नियमानुसार दुरुस्त करना चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर आरोप लगाया कि वे संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

cropped cg bulletin favicon
CG Bulletin Desk1

Show More

Related Articles

Back to top button
Home
Chhattisgarh
Search