छत्तीसगढ़

Olympic Day: अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर छत्तीसगढ़ से गूंजेगा हरित भारत का संदेश, CM साय करेंगे 2036 पौधों के रोपण अभियान का शुभारंभ

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में खेल और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज 23 जून को नया रायपुर स्थित ग्राम पलौद के बीएसएफ कैंप परिसर में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और शाम 5 बजे 2036 पौधों के वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ करेंगे। भारतीय ओलंपिक संघ के आह्वान पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु संतुलन को बढ़ावा देना है।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के माध्यम से खिलाड़ियों और युवाओं को खेलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। वृक्षारोपण अभियान प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने, जैव विविधता संरक्षण तथा स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का मानना है कि मुख्यमंत्री की सहभागिता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी। इससे खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

राज्य सरकार द्वारा सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जनभागीदारी आधारित विभिन्न अभियान संचालित किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम ‘हरित छत्तीसगढ़-हरित भारत’ के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

IMG 20260623 063723अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर मैं यह कहना चाहूंगा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे जन-आंदोलन के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की हैं। सरकार ने ओलंपिक में भाग लेने के लिए चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए करोड़ों रुपये की आकर्षक पुरस्कार राशि की भी घोषणा की गई है। राज्य में रायपुर और जशपुर में तीरंदाजी अकादमियों की स्थापना की गई है, जिससे विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधाएं मिल रही हैं। खेलों में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से निवेश बढ़ाने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से लाखों युवाओं को खेलों से जोड़ने का कार्य हुआ है। वहीं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी के लिए छत्तीसगढ़ का चयन होना राज्य की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की पहल, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की दूरदृष्टि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व, खेल मंत्री अरुण साव के प्रयासों तथा भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी.टी. उषा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रचेंगे – विक्रम सिंह सिसोदिया, महासचिव, CGOA

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CG Bulletin Desk1

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