बस्तर में महतारी वंदन योजना में भ्रष्टाचार का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को बस्तर जिले में महतारी वंदन योजना में कथित भ्रष्टाचार का मामला जोरदार ढंग से उठा। कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से योजना में अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
विक्रम मंडावी ने सदन में आरोप लगाया कि बस्तर में महतारी वंदन योजना के तहत करीब 1400 बैंक खातों से राशि आहरण का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि यदि लाभार्थियों के खातों से अनियमित तरीके से राशि निकाली गई है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस विधायकों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए सरकार से पारदर्शी जांच की मांग की।
ध्यानाकर्षण पर जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरकार का पक्ष रखा। हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि सरकार ने जांच की स्पष्ट घोषणा नहीं की और मामले को गंभीरता से नहीं लिया।मंत्री की ओर से जांच की घोषणा नहीं किए जाने पर विपक्ष ने सदन में नाराजगी जताई। इसके बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर गए।
महतारी वंदन योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर विधानसभा में हुई इस बहस ने सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट को भी सामने ला दिया। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग दोहराते हुए कहा कि गरीब महिलाओं से जुड़ी किसी भी योजना में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।




