विश्व पर्यटन दिवस 2026: डिजिटल तकनीक और AI से बदलेगा छत्तीसगढ़ के पर्यटन का स्वरूप

पर्यटन विकास के लिए निवेश, रोजगार और डिजिटल सुविधाओं पर जोर; 2028 तक नई पर्यटन पहचान बनाने का लक्ष्य
रायपुर। विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम ‘Digital Agenda and Artificial Intelligence (AI): पर्यटन को पुनः डिजाइन’ को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन को आधुनिक, स्मार्ट और पर्यटक-केंद्रित बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य में पर्यटन स्थलों की डिजिटल जानकारी, ऑनलाइन बुकिंग, स्मार्ट गाइड, वर्चुअल अनुभव, डेटा आधारित सेवाओं और AI आधारित व्यक्तिगत पर्यटन सुझावों को बढ़ावा देने की तैयारी है।
पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्व पर्यटन दिवस कि तैयारियों के साथ पर्यटन बोर्ड कि उपलब्धियों और बोर्ड के आगामी कार्ययोजनाओं की जानकरी साझा की.
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की पहचान बनाने का लक्ष्य – नीलू शर्मा
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को वर्ष 2028 तक देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है। इसके लिए इको-एथनिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार, OTT आधारित प्रचार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटरीच और ग्लोबल इंफ्लुएंसर कैंपेन पर जोर दिया जाएगा।
अगले पांच वर्षों में ₹500 करोड़ निवेश की तैयारी
आगे की कार्ययोजना में ‘एक जिला एक गंतव्य’ की अवधारणा के साथ मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत अगले पांच वर्षों में ₹100 करोड़ प्रतिवर्ष के वित्तीय प्रावधान की दिशा में काम करने की बात कही गई है। साथ ही पर्यटन नीति 2026 के तहत अगले पांच वर्षों में करीब ₹2,350 करोड़ के निवेश की उम्मीद जताई गई है।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की 18 पर्यटन संपत्तियों को लीज-कम-डेवलपमेंट मॉडल से निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित करने की योजना भी है। इसके तहत करीब ₹500 करोड़ निवेश और 500 से 1,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
पर्यटन से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण में भी वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी 2024 में करीब 30 से बढ़कर 2026 तक 383 से अधिक टूर ऑपरेटर/ट्रैवल एजेंट पंजीकृत हुए हैं। होमस्टे नीति के तहत भी स्थानीय लोगों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर है। सरकार का लक्ष्य गाइड, आतिथ्य, फिल्म निर्माण, पर्यटन संचालन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ना है।
चित्रकोट समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विकास
चित्रकोट को केवल जलप्रपात के रूप में नहीं, बल्कि विविध पर्यटन गतिविधियों वाले पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना है। वहीं सिरपुर के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भोरमदेव कॉरिडोर के विकास हेतु ₹145.99 करोड़ की स्वीकृति का उल्लेख प्रेस ब्रीफिंग में किया गया है।
डिजिटल पर्यटन से बढ़ी ऑनलाइन बुकिंग और राजस्व
पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल पर्यटन सूचना और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रेस ब्रीफिंग के अनुसार पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से करीब ₹6 करोड़ 48 लाख तथा पर्यटन इकाइयों से करीब ₹31 करोड़ 75 लाख राजस्व प्राप्त हुआ है।




