
सैंपलिंग और कार्रवाई को लेकर उठे सवाल, आखिर पहले क्यों नहीं जागा विभाग?
महासमुंद। भलेसर स्थित वैद्य फूड्स में आधी रात हुई छापेमारी के बाद जब्त किए गए करीब 200 किलो पनीर का सैंपल जांच में असुरक्षित पाया गया है। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर से रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने जब्त पनीर को नष्ट कर दिया है। साथ ही वैद्य फूड्स को सील कर दिया गया है।
दरअसल, 17 अगस्त की रात कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर राजस्व और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने वैद्य फूड्स में कार्रवाई की थी। मौके से करीब 200 किलो पनीर जब्त कर उसका सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजा गया था। अब जांच रिपोर्ट में सैंपल असुरक्षित पाए जाने के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
सैंपल फेल होने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत असुरक्षित खाद्य पदार्थ के मामले में दोष सिद्ध होने पर संबंधित के खिलाफ जुर्माने और जेल का प्रावधान है।
फर्म के लाइसेंस और विभागीय जांच पर सवाल
200 किलो पनीर का सैंपल असुरक्षित पाए जाने के बाद अब वैद्य फूड्स के लाइसेंस की कैटेगरी और खाद्य सुरक्षा विभाग की पूर्व जांच को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यह भी सवाल है कि फर्म का लाइसेंस किस श्रेणी में जारी किया गया था, वहां पूर्व में कितनी बार निरीक्षण और सैंपलिंग हुई तथा यदि पहले सैंपल लिए गए थे तो उनकी रिपोर्ट क्या रही।
वहीं, कार्रवाई की सूचना लीक न हो, इसलिए कलेक्टर के निर्देश पर इस बार राजस्व विभाग की टीम ने पहले फर्म के बाहर पहुंचकर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया था। अब सैंपल असुरक्षित पाए जाने के बाद विभाग की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।





