छत्तीसगढ़ में आज से 10 जून तक ‘सुशासन तिहार’ की शुरुआत, CM साय बोले – “लोगों की सुनें, सुनाएं नहीं”

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन को और मजबूत बनाने की दिशा में आज से ‘सुशासन तिहार’ की शुरुआत हो गई है, जो 10 जून तक पूरे राज्य में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शासन-प्रशासन आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष फोकस करेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जनता के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और शालीनता बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता से सीधे संवाद करें और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से सुनें।
“लोगों की सुनें, सुनाएं नहीं”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि प्रशासन का काम जनता को निर्देश देना नहीं, बल्कि उनकी बातों को ध्यान से सुनकर समाधान निकालना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी अपनी बात थोपने के बजाय आम लोगों की समस्याओं को समझें और उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।
संवेदनशीलता बने पहचान: सीएम साय ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान उनकी कार्यशैली से होती है। ऐसे में शालीनता, संवेदनशीलता और जवाबदेही हर अधिकारी के व्यवहार में झलकनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों को राहत पहुंचाना है।
जनता को मिलेगा सीधा लाभ: इस अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिविरों, जनसुनवाई और समाधान कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास रहेगा, जिससे आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा और शासन की पारदर्शिता में भी वृद्धि होगी।




