
जगदलपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah की अध्यक्षता में आज जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कानून व्यवस्था, न्यायिक सुधार, साइबर सुरक्षा, शिक्षा और पोषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्यों को कई अहम सुझाव दिए। गृह मंत्री ने कहा कि POCSO और रेप मामलों में समय पर DNA जांच और प्रभावी जांच प्रक्रिया सुनिश्चित कर दोषसिद्धि दर को 100 प्रतिशत तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में राज्यों को और अधिक संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करना होगा।
गृह मंत्री ने अदालतों में पांच वर्षों से लंबित मामलों के त्वरित निपटारे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के तेजी से निराकरण के लिए उच्च न्यायालयों को विशेष अदालतों का गठन करना चाहिए।
साइबर अपराधों को लेकर भी अमित शाह ने राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि 1930 साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन के कॉल सेंटर को केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रारूप के अनुरूप अपडेट किया जाए, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
बैठक में अमित शाह ने कहा कि मध्य क्षेत्र के राज्यों के बीच अब कोई विवाद शेष नहीं है और केंद्र सरकार के साथ भी सभी लंबित मुद्दों का समाधान हो चुका है। उन्होंने इसे “सहकारी संघवाद” की बड़ी उपलब्धि बताया।गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में निरंतरता और परिणाम दोनों बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के मुकाबले परिषद बैठकों में लगभग तिगुनी वृद्धि हुई है, जबकि चर्चित मुद्दों में 200 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अमित शाह ने कुपोषण के खिलाफ केंद्र सरकार की लड़ाई में सभी राज्यों से “कंधे से कंधा मिलाकर” काम करने का आह्वान किया। उन्होंने स्कूल ड्रॉपआउट दर कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया।




