Teejan Bai Death:पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, पंडवानी की अमर आवाज हुई खामोश

रायपुर, 5 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाने वाली सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के लगभग 3:15 बजे रायपुर एम्स में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं और एम्स में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के कला और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
तीजन बाई पिछले कुछ समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। फेफड़ों से जुड़ी तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य कारणों के चलते उनका उपचार रायपुर एम्स में चल रहा था। शनिवार देर रात भी उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी।
डॉ. तीजन बाई ने अपनी दमदार आवाज, अभिनय शैली और अद्वितीय प्रस्तुति से पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। महाभारत की कथाओं को उन्होंने जिस जीवंत अंदाज में प्रस्तुत किया, उसने उन्हें देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई। कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया।
उनके निधन की खबर सामने आते ही कलाकारों, साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों और उनके प्रशंसकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार को लेकर परिवार तथा प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पद्म विभूषण से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी विलक्षण प्रतिभा, ओजस्वी प्रस्तुति और लोककला के प्रति आजीवन समर्पण से छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई।
उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों, प्रशंसकों और कला जगत को इस दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।




