छत्तीसगढ़

Independence Day 2026: नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर: मुख्यमंत्री साय

स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी भी ली और प्रदेश की विकास यात्रा तथा सरकार की प्राथमिकताओं का विस्तार से उल्लेख किया।

उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर और वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के असंख्य सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद किया। छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाने वाले भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा सहित जननायकों को भी श्रद्धांजलि दी।

बस्तर में शांति के साथ विकास का नया सूर्योदय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि माओवाद से मुक्त बस्तर में अब तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, जो क्षेत्र कभी हिंसा और भय के लिए जाने जाते थे, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह दिखाई दे रही है। उन्होंने बस्तर के सर्वांगीण विकास को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है।

‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।नक्सल हिंसा के कारण बंद हुए स्कूलों को फिर से शुरू करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।

सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं। नेतानार से शुरू किए गए ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।सड़क, बिजली और परिवहन पर जोरमुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार की मजबूत बुनियाद तैयार की जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली व्यवस्था से जोड़ने तथा 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही है।किसानों की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकतामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्नदाता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया।फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने वाले किसानों को ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

सिंचाई विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ से अधिक की मंजूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है। ‘अटल सिंचाई योजना’ के माध्यम से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार किया जा रहा है।इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे। इनसे करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक देने और ‘चरण पादुका योजना’ को फिर से शुरू करने का भी उल्लेख उन्होंने किया।

24.50 लाख आवास स्वीकृत:मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का काम तेजी से जारी है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं। वहीं ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

महिलाओं के सशक्तीकरण पर सरकार का फोकस:मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। योजना के तहत अब तक 19,444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं।प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। वहीं 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

वनाधिकार पत्र वितरण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स भी गठित की गई है।

युवाओं के लिए रोजगार और भर्ती के नए अवसर:मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रोजगार, शिक्षा, कौशल, खेल और नवाचार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ बनाया गया है। परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त कानून भी पारित किया गया है।

पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है।चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया है।

500 करोड़ का AI मिशन:मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ को तैयार करने के उद्देश्य से 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी गई है।इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के तहत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। पीएम सेतु के अंतर्गत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है।खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहनमुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराएं, इसके लिए खेल अधोसंरचना मजबूत करने के साथ ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ शुरू किया जा रहा है।

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने और 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है।राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के द्वार खोले गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी के बाद अगले वर्ष भी इन खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा।

निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़:मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से पारंपरिक कोर सेक्टर के साथ नए और उभरते क्षेत्रों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा।

प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा और राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में देश का पहला एआई एसईजेड विकसित किए जाने और रायपुर, नवा रायपुर तथा दुर्ग-भिलाई को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन गठित किए जाने की जानकारी दी।

ऊर्जा, सड़क और रेल कनेक्टिविटी को नई गति:भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम करने की बात मुख्यमंत्री ने कही।एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ के तहत 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया है।90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ ले रहे हैं।

भारत माला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।दूरस्थ क्षेत्रों में ढाई वर्षों के दौरान 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। ‘भारतनेट 3.0’ के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

सुशासन में तकनीक का इस्तेमाल:मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है।‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है। ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्मार्ट पंजीयन कार्यालय, रजिस्ट्री में सुधार और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिक सेवाओं को सरल बनाया गया है। 7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित किए गए हैं।

मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा: स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की।इस अभियान के तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। यह अभियान बेटियों के सम्मान, स्वच्छता और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।इसके साथ ही ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

साइबर अपराध से निपटने पर जोर:मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साइबर अपराध से निपटने के लिए राज्य में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं।डायल-112 सेवा को पूरे प्रदेश में लागू किया गया है।

पर्यटन और छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति को वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की बात कही।बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय पहचान मिलने की बात उन्होंने कही।चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए वहां टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है।

पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने तथा छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है।

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार देने का भी निर्णय लिया गया है।आरंग के रीवां में उत्खनन के दौरान मिली 2,750 वर्ष पुरानी मानव बस्ती को मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया।

पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास:मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना और आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से 49 हजार से अधिक तथा ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के माध्यम से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए गए हैं।

विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश के समापन में कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ सभी का सामूहिक लक्ष्य है।उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्” का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ और भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत मूल्यों से प्रेरणा लेकर, अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखते हुए और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जाएगा।

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CG Bulletin Desk1

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