रायपुर में 1500 भारी वाहनों के रूट बदलने की मांग, रिंग रोड-3 से डायवर्ट करने परिवहन संघ ने सौंपा ज्ञापन

रायपुर। राजधानी रायपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए रायपुर बस्तर कोरापुट परिवहन संघ ने भारी मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट निर्धारित करने की मांग की है। संघ ने कमिश्नर, रायपुर पुलिस को ज्ञापन सौंपकर जगदलपुर–विशाखापट्टनम–रायपुर मार्ग से आने वाले भारी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश कराने के बजाय रिंग रोड नंबर-3 की ओर डायवर्ट करने का सुझाव दिया है।
संघ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह सिद्धू ने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में बस्तर क्षेत्र, नगरनार स्टील प्लांट, एनएमडीसी और विशाखापट्टनम क्षेत्र से आयरन ओर, कोयला एवं अन्य औद्योगिक सामग्री लेकर बड़ी संख्या में भारी वाहन रायपुर के उरला और सिलतरा औद्योगिक क्षेत्रों की ओर आते हैं। संघ के मुताबिक इनकी संख्या करीब 1500 ट्रक प्रतिदिन है और औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ यह संख्या और बढ़ सकती है।
शहर के प्रमुख मार्गों पर बढ़ रहा दबाव
ज्ञापन में कहा गया है कि कई भारी वाहन अभनपुर से माना, डुमरतराई, देवपुरी और पचपेड़ी नाका होते हुए रायपुर शहर के भीतर से गुजरते हैं। वहीं कुछ वाहन पचपेड़ी नाका से टाटीबंध चौक होते हुए रिंग रोड के रास्ते उरला और सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाते हैं।संघ का कहना है कि इन वाहनों का रायपुर शहर के अंदर आने का कोई स्थानीय व्यावसायिक उद्देश्य नहीं है। इसके बावजूद इनके शहर के भीतर से गुजरने के कारण डुमरतराई, देवपुरी, पचपेड़ी नाका, टाटीबंध और तेलीबांधा जैसे प्रमुख इलाकों में यातायात का दबाव बढ़ता है।
राज्य उत्सव ग्राउंड से रूट बदलने का सुझाव:परिवहन संघ ने सुझाव दिया है कि राज्य उत्सव ग्राउंड, निमोरा, नया रायपुर के पास से भारी वाहनों को डायवर्ट कर छेरीखेड़ी होते हुए रिंग रोड नंबर-3 और धनेली नाला की दिशा में भेजा जाए।
संघ का दावा है कि इससे भारी वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोका जा सकेगा। साथ ही रायपुर शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और उरला-सिलतरा औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
दुर्घटना और जाम कम होने की उम्मीद: संघ ने पुलिस एवं जिला प्रशासन से इस वैकल्पिक रूट का व्यावहारिक परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम करने, ट्रैफिक जाम से राहत देने और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था बनाने में मदद मिल सकती है।




