IGKV पेपर लीक मामले में CM साय सख्त, बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

IGKV पेपर लीक मामले में CM साय सख्त, बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। वहीं, प्रकरण में तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रश्नपत्र के प्रसारण की पूरी कड़ी का पता लगाने के लिए पुलिस के साथ साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, उनका विश्वास और उनका भविष्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। उन्होंने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र कहां से बाहर आया, किसने इसे प्रसारित किया और इस पूरी घटना में किन लोगों की भूमिका रही।
1200 विद्यार्थियों की परीक्षा हुई थी निरस्त
जानकारी के मुताबिक IGKV की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होनी थी। प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होने वाले थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी।अब यह परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल पेपर की होगी जांच
जांच समिति सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र का परीक्षा में उपयोग किए जाने वाले मूल प्रश्नपत्र से मिलान करेगी। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्रोत से बाहर आया और किन माध्यमों से आगे प्रसारित हुआ।पुलिस और साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
पेपर सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा: मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने को कहा है। प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर उसके सुरक्षित रख-रखाव, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि दोषी कोई भी हो, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।




