
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में प्रश्नपत्र लीक मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की यह कार्रवाई दुर्ग और आसपास के इलाकों में की गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर पुलिस प्रश्नपत्र लीक होने के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे की भूमिका की जांच कर रही है।
मामला “Pest Management in Crop and Stored Grains-I” विषय के प्रश्नपत्र से जुड़ा है। आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और WhatsApp के जरिए वायरल हो गया था। जब विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे और प्रश्नपत्र उन्हें वितरित किया गया, तो वही प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले वायरल हुए पेपर से हूबहू मेल खाता मिला। इसके बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया।
NSUI ने किया विश्वविद्यालय का घेराव:मामले को लेकर शुक्रवार को NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय का घेराव करते हुए प्रश्नपत्र लीक मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले वायरल होना विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर मामला है। ऐसे में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
CM साय ने दिए थे सख्त कार्रवाई के निर्देश
प्रश्नपत्र वायरल होने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी गंभीरता से लिया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि प्रदेश में परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।अब रायपुर पुलिस द्वारा 6 लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रश्नपत्र आखिर कहां से लीक हुआ, किसने इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।




