छोटे शहरों के विकास को नई रफ्तार, छत्तीसगढ़ में शुरू होगी ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’

रायपुर। सीएम Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के समग्र विकास के लिए बड़ी पहल करते हुए ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया है। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
यह योजना छोटे और मध्यम शहरों को आधुनिक शहरी सुविधाओं से जोड़ने, अधोसंरचना को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। सरकार का कहना है कि अब केवल बड़े शहर ही नहीं, बल्कि उभरते कस्बे और नगर पंचायतें भी सुव्यवस्थित और आधुनिक विकास मॉडल का हिस्सा बनेंगी।
राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने योजना के क्रियान्वयन के लिए संभाग स्तरीय समितियों का गठन किया है। संयुक्त संचालकों की अध्यक्षता में गठित समितियों को 15 दिनों के भीतर कार्यों का चिन्हांकन, स्थल निरीक्षण और प्राथमिकता सूची तैयार कर शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के प्रभावी संचालन और मॉनिटरिंग के लिए पांचों संभागों में मुख्य अभियंताओं को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
पहले चरण में बस्तर, रायपुर और सरगुजा संभाग के छह-छह, बिलासपुर संभाग के नौ तथा दुर्ग संभाग के पांच नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। इनमें सुकमा, खैरागढ़, महासमुंद, बलौदाबाजार, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़, जांजगीर-नैला और सक्ती जैसे नगर शामिल हैं।
योजना के तहत सड़क, ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्मार्ट ट्रैफिक, ई-गवर्नेंस, हरित क्षेत्र, जल संरक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और रोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे कार्य किए जाएंगे। स्थानीय निकायों की जरूरतों और जन अपेक्षाओं के आधार पर विकास कार्य तय किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि सरकार बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे नगरों और कस्बों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री Arun Sao ने इसे छोटे और मध्यम शहरों के व्यवस्थित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।




