Congress PC: नकटी बुलडोजर एक्शन पर गरमाई सियासत: दीपक बैज बोले- गरीबों के घर तोड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए

रायपुर। नया रायपुर से लगे नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बुधवार को राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों के आशियाने उजाड़कर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए आवास बनाने का काम कर रही है।
दीपक बैज ने कहा कि नकटी गांव में 85 मकानों को तोड़ा गया, जिनमें करीब 25 मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे। उनका आरोप है कि बारिश शुरू होने के बाद इस तरह की कार्रवाई करना पूरी तरह अमानवीय और गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
उन्होंने पुनर्वास व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 15 से 25 सदस्यों वाले परिवारों को एक-एक EWS फ्लैट दिया जा रहा है। इन फ्लैटों में बिजली, पानी, पंखा और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बैज ने तंज कसते हुए कहा कि संबंधित मंत्री दो घंटे उन कमरों में रहकर देखें, तब उन्हें वास्तविक स्थिति का अंदाजा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चौथी मंजिल पर दिए गए फ्लैटों तक बुजुर्ग और दिव्यांग लोग कैसे पहुंचेंगे, इसका जवाब सरकार के पास नहीं है।
पीसीसी चीफ ने बताया कि आदिवासी विधायक जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि किसी गरीब का घर तोड़कर उन्हें विधायक आवास नहीं चाहिए। वहीं विधायक चातुरी नंद ने भी ऐसे आवास लेने से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
दीपक बैज ने दोनों विधायकों का धन्यवाद देते हुए प्रदेश के सभी विधायकों से अपील की कि वे प्रस्तावित आवास का बहिष्कार करें।कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह इस कार्रवाई को अपनी गलती माने, प्रभावित परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे, उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास के लिए उसी क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराए तथा मकान टूटने और अन्य नुकसान की उचित भरपाई करते हुए मुआवजा दे।
हालांकि, यह पूरा आरोप कांग्रेस की ओर से लगाया गया है। इस मामले में राज्य सरकार और प्रशासन का कहना है कि नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई है तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था भी की जा रही है।



